Nestle-Coca-Cola से KFC तक बड़े ब्रांड्स पर FSSAI का शिकंजा, 150+ नोटिस; Amazon का वेयरहाउस लाइसेंस भी रद्द

FSSAI Action: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने भ्रामक विज्ञापन, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। Nestle, PepsiCo, Coca-Cola, Red Bull समेत कई बड़ी कंपनियां कार्रवाई के दायरे में हैं। Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 August 2026, 12:50 PM IST

New Delhi: खाने-पीने की चीजों के पैकेट पर लिखे दावों को देखकर अगर आप आंख बंद करके भरोसा करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। जिस प्रोडक्ट को आप हेल्दी, एनर्जी देने वाला या किसी खास गुणवत्ता वाला समझकर खरीद रहे हैं, उसके दावे अगर नियमों के खिलाफ या भ्रामक पाए गए तो संबंधित कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने ऐसे ही मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई की जद में Nestle India, PepsiCo, Coca-Cola India, Abbott India और Red Bull India जैसे बड़े नाम शामिल हैं। मामला सिर्फ कंपनियों तक नहीं रुका, बल्कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon और Flipkart भी FSSAI के रडार पर आए हैं। Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस तक रद्द कर दिया गया है।

150 से ज्यादा नोटिस, बड़े ब्रांड्स पर शिकंजा

FSSAI ने भ्रामक विज्ञापन, गलत दावे और खाद्य उत्पादों की लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के मामलों में 150 से ज्यादा नोटिस जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद खाद्य और पेय पदार्थों के बाजार में हलचल बढ़ गई है। रेगुलेटर की कार्रवाई में कई ऐसी कंपनियां शामिल हैं, जिनके उत्पाद देशभर में बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं।

इनमें Nestle India, PepsiCo, Abbott India Limited, Red Bull India, Danone India, Monster Energy India, Hell Energy, Mondelez India और Coca-Cola India के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा Diageo, Pernod Ricard, Ferrero India और Kenvue Inc. के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। FSSAI ने खास तौर पर एनर्जी ड्रिंक और अल्कोहलिक बेवरेज से जुड़े कुछ मामलों में भी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की है।

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आखिर कंपनियों पर क्यों हुई कार्रवाई?

दरअसल, खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में कंपनियों की ओर से किए जाने वाले दावों को लेकर नियम काफी सख्त हैं। किसी उत्पाद के बारे में ऐसा दावा नहीं किया जा सकता, जिससे ग्राहक को उसकी गुणवत्ता, स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव या दूसरे गुणों को लेकर गलत जानकारी मिले। इसी तरह पैकेट पर दी जाने वाली जानकारी भी निर्धारित नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। FSSAI की जांच में जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां नोटिस जारी किए गए। कुछ मामलों में नियमों के उल्लंघन वाले उत्पादों को जब्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

Amazon और Flipkart भी कार्रवाई के दायरे में

FSSAI की कार्रवाई की सबसे खास बात यह है कि इसका दायरा सिर्फ खाद्य पदार्थ बनाने वाली कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। ई-कॉमर्स कंपनियों को भी नोटिस भेजे गए हैं। FSSAI के मुताबिक Amazon और Flipkart को कुल 12 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

KFC, McDonald's और Domino's को भी नोटिस

FSSAI की कार्रवाई बड़े फूड सर्विस ब्रांड्स तक भी पहुंची है। KFC, McDonald's, Pizza Hut, Domino's और Costa Coffee जैसे नामों को भी 30 से ज्यादा नोटिस दिए गए हैं। इतना ही नहीं, Domino's के पांच लाइसेंस सस्पेंड किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे साफ है कि रेगुलेटर अब सिर्फ पैकेट बंद खाद्य उत्पादों पर ही नजर नहीं रख रहा, बल्कि रेस्टोरेंट और फूड सर्विस कारोबार में खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सख्ती बरत रहा है।

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ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?

FSSAI की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उन कंपनियों पर पड़ता है, जिनके उत्पादों या सेवाओं में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है। लेकिन इसका एक अहम पहलू ग्राहकों से भी जुड़ा है। खरीदारी करते समय लोग अक्सर कीमत, ऑफर और ब्रांड का नाम देखकर फैसला कर लेते हैं। पैकेट पर लिखी पूरी जानकारी पढ़ना कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में FSSAI की कार्रवाई यह याद दिलाती है कि किसी भी खाद्य उत्पाद के पैकेट पर लिखी जानकारी और दावों को ध्यान से देखना जरूरी है।

बड़े ब्रांड्स पर कार्रवाई से क्या संदेश?

FSSAI की इस कार्रवाई से खाद्य और पेय पदार्थों के कारोबार से जुड़ी कंपनियों को स्पष्ट संदेश गया है कि ब्रांड कितना भी बड़ा क्यों न हो, खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है। Nestle, PepsiCo, Coca-Cola, Red Bull जैसे बड़े नामों के कार्रवाई के दायरे में आने से यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि इनके उत्पाद देश के करोड़ों ग्राहकों तक पहुंचते हैं। वहीं Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को नोटिस और Amazon के एक वेयरहाउस का लाइसेंस रद्द होना बताता है कि ऑनलाइन बिकने वाले खाद्य उत्पाद भी रेगुलेटरी निगरानी से बाहर नहीं हैं।

Location :  New Delhi

Published :  23 August 2026, 12:50 PM IST