‘लगातार बह रहा था खून, नीले पड़ गए थे होंठ’: फ्लाईदुबई विमान हादसे पर डॉक्टर का चौंकाने वाला खुलासा!

तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर विमान गिराने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल कैप्टन की जान एक डेंटिस्ट यात्री ने 45 मिनट तक लगातार संघर्ष करके बचाई। भारतीय दूतावास ने बताया कि अब कैप्टन की हालत में सुधार हो रहा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 8:58 AM IST

New Delhi: आसमान में उड़ते विमान के भीतर मौत का साया मंडराने लगा था जब को-पायलट ने अपने ही कैप्टन पर चाकुओं से हमला कर दिया। तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की इस उड़ान में 170 से अधिक यात्रियों की सांसें अटक गई थीं। खून से लथपथ कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस बहादुरी से इस जानलेवा हमले का सामना किया, उसने एक बड़ा विमान हादसा टाल दिया। लेकिन इस खौफनाक मंजर के बीच एक फरिश्ता बनकर सामने आए जॉर्जियाई डंत चिकित्सक डॉ शुता मुसाएव, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से कैप्टन की जिंदगी बचा ली।

कॉकपिट के भीतर का खौफनाक मंजर

घटना के दौरान सह-पायलट अल हमाम ने अचानक कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे विमान खतरनाक तरीके से नीचे आने लगा और कुछ ही पलों में क्रैश होने की कगार पर पहुंच गया। हालांकि, भारतीय मूल के कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद संघर्ष जारी रखते हुए किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर यात्रियों में अफरातफरी मच गई।

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यात्री यानिव हयून समेत चार साहसी यात्रियों ने तुरंत दौड़ लगाई। एक यात्री ने हमलावर को खींचकर कॉकपिट से बाहर निकाला, दूसरे ने विमान को संभालकर सीधा किया, जबकि तीसरे पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इस बीच, चौथे यात्री- डेंटिस्ट डॉ शुता मुसाएव ने बिना एक पल गंवाए अपना पूरा ध्यान लहूलुहान कैप्टन स्मित पर केंद्रित कर दिया।

डॉक्टर का 45 मिनट का मैराथन संघर्ष, थम नहीं रहा था खून

डॉ मुसाएव ने एक इंटरव्यू में उस भयानक वाकये को याद करते हुए बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ से लगातार भारी मात्रा में खून बह रहा था। उन्होंने शुरुआत में एक टी-शर्ट से घाव को दबाने की कोशिश की, लेकिन रक्तस्त्राव रुक नहीं रहा था। इसके बाद उन्होंने फ्लाइट क्रू से बर्फ मांगी और गहरे घावों पर कई आइस पैकेट का इस्तेमाल किया।

करीब 45 मिनट तक डॉ मुसाएव लगातार घाव पर दबाव बनाए रहे और बर्फ लगाते रहे। उन्होंने बताया कि जब भी वे स्थिति देखने के लिए टी-शर्ट हटाते थे, खून का फव्वारा फिर से फूट पड़ता था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि एक समय पर कैप्टन की नब्ज बहुत धीमी पड़ गई थी, जिसे संभालने के लिए डॉक्टर ने तुरंत उनके पैर ऊपर उठाए, जिससे उनकी नब्ज वापस सामान्य हो सकी।

जब नीले पड़ने लगे कैप्टन के होंठ...

कैप्टन स्मित लगातार दर्द से तड़प रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे। उन्होंने दर्द की दवा मांगी, लेकिन अत्यधिक रक्तस्त्राव और दोबारा ब्लीडिंग के खतरे को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें दवा देने से मना कर दिया और केवल थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाया।

कैप्टन को होश में रखने और मानसिक रूप से जोड़े रखने के लिए मुसाएव लगातार उनसे बातचीत करते रहे। उन्होंने कैप्टन से उनके बच्चों और परिवार के बारे में बातें कीं, ताकि उनका ध्यान दर्द से भटके। कैप्टन ने अपनी उम्र, नाम और भारत से होने की बात बताई। इस दौरान जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ने लगे, तो डॉक्टर ने समझ लिया कि स्थिति हाथ से निकल रही है और उन्होंने तुरंत क्रू मेंबर से विमान को जल्द से जल्द लैंड कराने को कहा।

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सुरक्षित लैंडिंग और राहत भरी खबर

विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरते ही डॉ मुसाएव ने कैप्टन स्मित को जमीन पर मौजूद मेडिकल टीम के हवाले कर दिया। इस खौफनाक घटना के बाद डॉक्टर और उनकी पत्नी को भी गहरा मानसिक तनाव झेलना पड़ा।

दुबई में रहने वाले और अपनी बहादुरी से 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार के लिए यह किसी पुनर्जन्म से कम नहीं था। संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को पुष्टि की कि कैप्टन मच्छर की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है और वे अब खतरे से बाहर हैं।

Location :  New Delhi

Published :  7 October 2026, 8:58 AM IST