
फरक्का में फिर धंसी रेलवे लाइन (Img: X)
Kolkata: पश्चिम बंगाल के फरक्का में रेलवे के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन के नीचे की जमीन धंसने के बाद शुरू हुआ मरम्मत का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि शुक्रवार को एक और भूस्खलन ने चिंता बढ़ा दी। नए भूस्खलन में रेलवे लाइन का करीब 15 मीटर हिस्सा प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए फिलहाल ट्रेनों की आवाजाही जल्द शुरू होने की उम्मीद बेहद कम है।
गुरुवार सुबह न्यू फरक्का रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन के नीचे जमीन धंसने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम शुरू किया। कर्मचारी लाइन को सुरक्षित बनाने में जुटे ही थे कि शुक्रवार सुबह उसी इलाके से कुछ दूरी पर एक बार फिर जमीन धंस गई।
नई घटना ने पहले से चल रहे मरम्मत कार्य को और मुश्किल बना दिया है। बताया जा रहा है कि प्रभावित हिस्से में मिट्टी लगातार कमजोर हो रही है। इसके कारण कर्मचारी जिस जगह काम कर रहे हैं, वहां भी नई मिट्टी के धंसने का खतरा बना हुआ है।
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स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक, इलाके के पास मौजूद नयनजुली में पानी का स्तर बढ़ने से आसपास की मिट्टी नरम हो रही है। इसी वजह से रेलवे लाइन के नीचे की जमीन बार-बार खिसक रही है। शुक्रवार को हुए नए भूस्खलन की गहराई करीब 15 मीटर तक बताई जा रही है। जमीन धंसने से रेलवे लाइन प्रभावित हुई है, जबकि आसपास लगे बिजली के खंभे भी झुक गए हैं। इससे रेलवे के सामने सिर्फ ट्रैक को दुरुस्त करने की ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके को सुरक्षित करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
लगातार हो रहे भूस्खलन ने रेलवे की चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि लाइन को जल्द ठीक करने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। मौजूदा स्थिति को देखते हुए शुक्रवार शाम से संभावित ट्रेन संचालन को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच रेल संपर्क प्रभावित होने से इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
मुर्शिदाबाद में आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। शुक्रवार और शनिवार को भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में रेलवे कर्मचारियों के लिए क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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बीरभूम में भी बारिश की संभावना बताई गई है। मौसम की स्थिति खराब होने पर जमीन में नमी बढ़ सकती है और भूस्खलन का खतरा दोबारा पैदा हो सकता है।
रेलवे के लिए परेशानी सिर्फ ट्रैक के धंसने तक सीमित नहीं है। एक तरफ प्रभावित लाइन की मरम्मत का काम चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ आसपास की जमीन के फिर खिसकने से स्थिति लगातार बदल रही है। यही वजह है कि रेलवे को सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों के संचालन पर फैसला लेना पड़ रहा है।
Location : Kolkata
Published : 4 September 2026, 6:18 PM IST