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विजयादशमी (Source: Pinterest)
New Delhi: दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व इस साल 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन पूजा-पाठ करने, नए कार्य शुरू करने और खरीदारी करने का विशेष महत्व माना जाता है।
Dussehra 2026 के अवसर पर कई लोग सोना-चांदी, वाहन और घर के लिए नई वस्तुएं खरीदने की योजना बनाते हैं। वहीं, कुछ चीजों को खरीदने से बचने की सलाह भी दी जाती है। हालांकि, इन मान्यताओं को लेकर अलग-अलग परंपराएं प्रचलित हैं। आइए जानते हैं कि दशहरे पर किन चीजों की खरीदारी शुभ मानी जाती है और किन वस्तुओं से परहेज करने की मान्यता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन सोने-चांदी के आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग इसे सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली का प्रतीक मानते हैं। हालांकि, खरीदारी करने से पहले अपने बजट और जरूरत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
दशहरे पर नया वाहन खरीदना भी कई परिवारों में शुभ माना जाता है। इस दिन लोग कार, बाइक या अन्य वाहन खरीदकर उसकी पूजा करते हैं। मान्यता है कि विजयादशमी पर नए काम की शुरुआत करना मंगलकारी हो सकता है। वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोग अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय तय कर सकते हैं।
कुछ धार्मिक परंपराओं में दशहरे पर नई झाड़ू खरीदने को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इससे घर में साफ-सफाई, सुख और समृद्धि बनी रहती है। इसी तरह तांबे और पीतल के बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, इनके परिणाम की कोई गारंटी नहीं है।
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काले रंग के कपड़े: कुछ धार्मिक मान्यताओं में दशहरे के दिन काले रंग के कपड़े खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इस अवसर पर लोग लाल, पीले और अन्य शुभ माने जाने वाले रंगों के वस्त्र खरीदना या पहनना पसंद करते हैं। हालांकि, काले रंग के कपड़े खरीदने को लेकर कोई एक जैसी मान्यता सभी जगह प्रचलित नहीं है।
प्याज और लहसुन: कुछ परंपराओं में दशहरे के दिन प्याज और लहसुन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इसका संबंध धार्मिक रीति-रिवाजों और खानपान की मान्यताओं से जोड़ा जाता है। हालांकि, यह नियम सभी परिवारों और क्षेत्रों में समान रूप से लागू नहीं होता।
जूते-चप्पल: दशहरे के दिन जूते-चप्पल खरीदने से बचने की मान्यता भी कुछ जगहों पर प्रचलित है। ऐसी मान्यताओं में इसे शुभ अवसर पर की जाने वाली खरीदारी से अलग रखा जाता है। हालांकि, जूते-चप्पल खरीदने से परेशानियां या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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Dussehra 2026 पर खरीदारी करना या न करना पूरी तरह आपकी जरूरत, बजट और पारिवारिक परंपराओं पर निर्भर करता है। सोना-चांदी, वाहन, झाड़ू और बर्तन खरीदने को शुभ मानने की परंपराएं प्रचलित हैं, लेकिन इन्हें धार्मिक मान्यताओं के रूप में ही देखना चाहिए। किसी भी वस्तु की खरीदारी केवल शुभ-अशुभ की धारणा के आधार पर करने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरत को प्राथमिकता दें।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। इन मान्यताओं की पुष्टि वैज्ञानिक तथ्यों से नहीं होती। खरीदारी से जुड़े निर्णय अपनी जरूरत और विवेक के आधार पर लें।
Location : New Delhi
Published : 19 October 2026, 4:21 PM IST