भारत के काउंटर-ड्रोन से कापेंगे दुश्मन, मिसाइल से अलग है लेजर तकनीक

DRDO ने करीब 30KW क्षमता वाला काउंटर-ड्रोन लेजर सिस्टम विकसित किया है, जो लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तक हवाई लक्ष्यों को निशाना बना सकता है। ट्रक-माउंटेड यह प्रणाली ड्रोन स्वार्म और UAV के खिलाफ इस्तेमाल की जा सकती है। अब इसके उत्पादन के लिए अगले छह महीनों में औद्योगिक भागीदार की तलाश की जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 September 2026, 9:59 AM IST

New Delhi: ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने अपनी काउंटर-ड्रोन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने करीब 30 किलोवाट क्षमता वाली निर्देशित ऊर्जा हथियार प्रणाली (Directed Energy Weapon) विकसित की है, जिसे ड्रोन जैसे हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिस्टम करीब 5 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को निशाना बना सकता है और अब इसे उत्पादन के अगले चरण में ले जाने की तैयारी है।

30KW लेजर की क्या है खासियत?

यह लेजर आधारित सिस्टम ट्रक-माउंटेड प्लेटफॉर्म पर लगाया गया है। इसका इस्तेमाल ड्रोन, फिक्स्ड-विंग UAV और कुछ निगरानी सेंसर जैसे हवाई लक्ष्यों के खिलाफ किया जा सकता है। DRDO से संबंधित दस्तावेजों में 30KW श्रेणी की लेजर प्रणाली को छोटे हवाई खतरों से निपटने वाली अगली पीढ़ी की तकनीक के रूप में बताया गया है।

मिसाइल दागने की जरूरत नहीं होती

लेजर हथियार पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों से अलग तरीके से काम करता है। इसमें लक्ष्य तक ऊर्जा बीम पहुंचाई जाती है, जिससे ड्रोन को नुकसान पहुंचाकर उसे निष्क्रिय करने का प्रयास किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि एक बार सिस्टम तैनात होने के बाद हर लक्ष्य के लिए अलग मिसाइल दागने की जरूरत नहीं होती, हालांकि इसके संचालन के लिए पर्याप्त विद्युत शक्ति और अनुकूल परिस्थितियां जरूरी होती हैं।

ड्रोन स्वार्म के खिलाफ उपयोगी क्षमता

आधुनिक युद्धक्षेत्र में एक साथ बड़ी संख्या में छोटे ड्रोन का इस्तेमाल सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती बन रहा है। ऐसे में अपेक्षाकृत कम लागत वाले ड्रोन के खिलाफ हर बार महंगे मिसाइल इंटरसेप्टर का इस्तेमाल करना खर्चीला हो सकता है। निर्देशित ऊर्जा हथियार इसी तरह के हवाई खतरों के खिलाफ एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं।

अब उत्पादन की दिशा में बढ़ेगा अगला कदम

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, DRDO अगले छह महीनों में इस 30KW श्रेणी के काउंटर-ड्रोन लेजर सिस्टम के उत्पादन के लिए एक औद्योगिक भागीदार के साथ आगे बढ़ने की योजना बना रहा है। यानी तकनीक के विकास और परीक्षण के बाद अब इसका अगला फोकस उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर है।

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भारत की स्वदेशी लेजर तकनीक को मिलेगा बढ़ावा

DRDO पिछले कुछ वर्षों से निर्देशित ऊर्जा हथियारों पर काम कर रहा है। संगठन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसके इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन सिस्टम क्लस्टर में लेजर स्रोत, सेंसर और Directed Energy Weapon Systems से जुड़ी तकनीकों पर काम किया जा रहा है। ऐसे में 30KW प्रणाली को भारत की स्वदेशी काउंटर-ड्रोन और भविष्य की हवाई सुरक्षा तकनीक के विकास की कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  23 September 2026, 9:59 AM IST