दिल्ली में फिर से बर्बरता, शाहीन बाग में किशोरी को बंधक बनाकर किया प्रताड़ित

शाहीन बाग में किशोरी को बंधक बनाकर घरेलू काम कराया गया और शारीरिक यातनाएं दी, गर्म प्रेस और चाकू से जलाने, भूखा रखने तथा माता-पिता से मिलने नहीं दिया गया। पुलिस ने साबिया नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मामले की जांच जारी है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 8 November 2026, 3:15 PM IST

New delhi: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है।  जहां शाहीन बाग थाना क्षेत्र स्थित अबुल फजल एन्क्लेव-2 में  एक सोलह वर्षीय किशोरी को एक साल से बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा था। किशोरी को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाती थी। उसे हर दिन 18 से 20 घंटे तक काम कराया जाता था। काम नहीं करने पर उसे प्रेस और चाकू से जलाया गया और खाना भी नही दिया जाता था। किशोरी को सुबह 6 बजे से ही घरेलू कामों में लगाया दिया जाता था , कई दिनों तक उसे भूखा भी रखा जाता था। उसे अपने माता-पिता से मिलने तक नहीं दिया जाता था।

पुलिस अधिकारियों कालकाजी के एसडीएम, पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से किशोरी को मुक्त कराया गया। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने घटना की पुष्टि की है। इस मामले में साबिया नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है।

शरीर के कई हिस्सें पर घाव और चोटों के निशान  

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बच्ची के शरीर पर चोटों के कई निशान मिले हैं। बाल कल्याण समिति(CWC) के निर्देश पर उसे एम्स में भर्ती किया गया है। शाहीन बाग थाना पुलिस ने कालकाजी के एसडीएम की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के शिकायत के बाद यह मामला सामने आया, जिसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों ने दी।

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पिछले एक साल से नाबालिक युवती शाहीन बाग स्थित एक घर में घरेलू काम कर रही थी। तीन नवंबर को एसडीएम के आदेश पर शाहीन बाग थाना और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने आरोपी के घर पर छापा मारा। पुलिस की जांच में सामने आया कि मकान मालिक ने पहले ही किशोरी को मुरादाबाद भेज चुका था।

सीडब्ल्यूसी के सामने जब किशोरी ने अपनी आपबीती सुनाई तो उसे सुनकर सभी लोग सन्न रह गए। उसने बताया कि इस एक साल के दौरान उसे कई बार गर्म प्रेस से जलाया गया, चाकू से भी दागा गया। पुलिस के अनुसार, उसके शरीर के कई हिस्से पर घाव और चोटों के निशान मिले हैं और सर पर भी चोट है। 

माता पिता से भी नहीं करने देते थे बात

किशोरी ने बताया कि उसे लगातार तीन दिनों तक खाना नही दिया गया और पानी भी नही दिया जाता था।  थोड़ी सी गलती होने पर घर की मालकिन उसे मारती थी, चोट लगने पर मेडिकल स्टोर से दवाएं लाकर देती थी।

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किशोरी को उसके माता- पिता से मिलने नहीं दिया जाता था। जब भी पीड़िता अपनी पिता से बात करने की मांग करती थी, तो महिला कोई न कोई बहाना कर देती थी। साल में दो- तीन बार ही बात कराई गई। इस दौरान सायरा का चेहरा ढक दिया जाता था, ताकि उसके माता-पिता चेहरे पर लगी चोटों को न देख सकें। यातनाओं के बारे में घरवालों को बताने पर मारकर फेंक देने की धमकी देते थे।

Location :  New Delhi

Published :  8 November 2026, 3:15 PM IST