
सत्य निकेतन हादसे के बाद क्यों बढ़ी चिंता? (Source: X)
New Delhi: दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद अब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच बगल की एक कमजोर इमारत को गिराने का फैसला लिया गया है। इधर, इलाके में रहने वाले छात्र भी सुरक्षा को देखते हुए अपने PG खाली कर रहे हैं।
साउथ दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस घटना के बाद आसपास की संपत्तियों की स्थिति को लेकर प्रशासन और नगर निगम की निगाहें टिक गईं। हादसे के बाद कमजोर और खतरनाक इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में हादसे के ठीक बगल में मौजूद कमजोर इमारत को आज गिराया जाएगा। इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता साफ दिखाई दे रही है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने लगातार कार्रवाई की है। सोमवार को सात संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद मंगलवार को 17 संपत्तियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई।
इसके अलावा पांच संपत्तियों को सील किया गया है, जबकि 15 संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। इनमें वे संपत्तियां भी शामिल हैं, जिन्हें मानसून से पहले किए गए सर्वे के दौरान खतरनाक घोषित किया गया था।
इस कार्रवाई से साफ है कि नगर निगम अब ऐसी इमारतों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता, जिनसे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
सत्य निकेतन में गिरी इमारत के आसपास अब सबसे बड़ी चिंता बगल की कमजोर इमारत को लेकर थी। इसी को देखते हुए इसे गिराने की तैयारी की गई है। आज इस इमारत को ध्वस्त किया जाएगा।
इमारत को गिराने से पहले आसपास के इलाके में सुरक्षा को लेकर जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। कार्रवाई का मकसद किसी संभावित खतरे को पहले ही टालना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सत्य निकेतन इलाके में हादसे के बाद PG में रहने वाले छात्रों के बीच भी चिंता का माहौल है। कई छात्र अब अपने PG खाली कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इमारतों की सुरक्षा को लेकर सामने आई स्थिति के बाद वे किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहते।
इलाके में बड़ी संख्या में छात्र PG और किराये के मकानों में रहते हैं। ऐसे में इमारतों की मजबूती और सुरक्षा जांच का मुद्दा काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने PG Policy लागू करने का फैसला भी किया है। इसके तहत PG चलाने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होगा। सरकार जल्द ही इस नीति का मसौदा तैयार करने की दिशा में काम करेगी।
मंगलवार को शहरी विकास और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में PG और किराये के मकानों में रहने वाले विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक से दो महीने के भीतर इस नीति को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। कई संपत्तियों पर तोड़फोड़, सीलिंग और ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में और कितनी कमजोर इमारतों पर कार्रवाई होती है।
फिलहाल बगल की कमजोर इमारत को गिराने की कार्रवाई और PG खाली करते छात्रों की तस्वीर ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में MCD की जांच और Action से कई और इमारतों की स्थिति सामने आ सकती है।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 11:21 AM IST