
लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर में शुरू हुआ सर्वे (Source: Pinterest)
Laxmi Nagar: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में PG की इमारत ढहने से 7 छात्रों की मौत के बाद अब दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गया है। हादसे के महज दो दिन बाद लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर जैसे छात्र बहुल इलाकों में अवैध PG और हॉस्टलों का स्ट्रक्चरल सर्वे शुरू कर दिया गया है। जांच में कई ऐसी इमारतें सामने आ रही हैं, जिनके निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
MCD की टीमें लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर में चल रहे PG और हॉस्टलों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों की नजर खासतौर पर इमारतों की मजबूती, पिलर, बेसमेंट, पानी के रिसाव और अन्य संरचनात्मक कमियों पर है। टीम यह भी देख रही है कि भवन स्वीकृत नक्शे के अनुसार बना है या नहीं।
जांच के दौरान कई ऐसे भवनों पर सवाल उठ रहे हैं, जो छोटे रिहायशी या व्यावसायिक प्लॉट पर कई मंजिल तक बनाए गए हैं। आरोप है कि कुछ इमारतों में स्वीकृत बिल्डिंग प्लान का पालन नहीं किया गया। कई जगह फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जैसी जरूरी व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आ रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर MCD ने चार मंजिल से ज्यादा ऊंची अवैध इमारतों को सील करने और उन्हें खाली कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा रही है। दक्षिणी क्षेत्र के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सत्य निकेतन हादसे के मामले में पुलिस ने मकान मालिक हरिराम बंसल और आनंद बंसल के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। इससे साफ है कि अब अवैध निर्माण और असुरक्षित PG संचालन के मामलों में मकान मालिकों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है। कोर्ट ने MCD को उच्च स्तरीय जांच करने और निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। इससे नगर निगम की कार्यप्रणाली और अवैध निर्माण पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
हादसे के बाद छात्र संगठनों ने भी विरोध तेज कर दिया है। ABVP ने MCD मुख्यालय पर प्रदर्शन कर छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। वहीं NHRC ने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पर्याप्त और किफायती सरकारी हॉस्टल की कमी पर चिंता जताई है।
दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, लेकिन किफायती हॉस्टल की कमी के कारण उन्हें निजी PG का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सिर्फ हादसे के बाद होने वाली कार्रवाई से छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी या फिर PG और हॉस्टलों की नियमित जांच के लिए स्थायी व्यवस्था बनेगी?
सत्य निकेतन हादसे के बाद लक्ष्मी नगर और विश्वास नगर में शुरू हुआ MCD का स्ट्रक्चरल सर्वे इसी बड़े सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश है। अब देखना होगा कि जांच में कितनी इमारतों पर कार्रवाई होती है और अवैध PG के खिलाफ यह अभियान कितने समय तक जारी रहता है।
Location : Laxmi Nagar
Published : 8 September 2026, 5:58 PM IST