
अल नीनो का संकट (Img: AI)
New Delhi: मानसून की शुरुआत में बारिश न होने से परेशान लोगों को अगस्त के पहले हफ्ते में काफी राहत मिली। देश के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हुई। दिल्ली में, अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही शहर की मासिक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 2011 के बाद से अगस्त का यह पहला हफ्ता सबसे ज्यादा बारिश वाला रहा।
लगातार बारिश से दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम सुहावना हो गया और गर्मी से राहत मिली। हालांकि, कई जगहों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी हुई। ट्रैफिक जाम लग गया और कई रास्तों पर आवाजाही बाधित हुई। भारी बारिश के कारण दिल्ली-NCR क्षेत्र के लिए 'रेड अलर्ट' भी जारी किया गया था।
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देश भर के 12 से ज्यादा राज्यों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। इससे मानसून की कुल बारिश की कमी को कम करने में मदद मिली है। अच्छी बारिश से किसानों को खरीफ की फसलों के मामले में भी राहत मिली है।
अच्छी बारिश का असर कृषि क्षेत्र में साफ दिख रहा है। कृषि मंत्रालय के अनुसार, 7 अगस्त तक खरीफ फसल की बुवाई में कमी घटकर 17.96 लाख हेक्टेयर रह गई थी; 24 जुलाई को यह कमी 38.82 लाख हेक्टेयर थी। दालों की बुवाई में भी सुधार हुआ है और कमी अब घटकर 1.95 लाख हेक्टेयर रह गई है। हालांकि, धान और तिलहन की बुवाई पिछले साल की तुलना में कम है। 7 अगस्त तक धान की बुवाई 15.90 लाख हेक्टेयर पीछे चल रही थी।
मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि, पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की कमी बनी हुई है, जहां बारिश सामान्य से 25.5 प्रतिशत कम हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर धान की खेती पर पड़ सकता है, क्योंकि फसल को शुरुआती विकास के चरण में काफी पानी की जरूरत होती है। इसलिए, किसान अगस्त में बारिश से कुछ राहत की उम्मीद कर रहे हैं।
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आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे मध्य, पूर्वी और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। हालांकि, आगे के मौसम को लेकर एक नई चिंता भी है। अगस्त और अक्टूबर के बीच अल नीनो का असर और तेज हो सकता है। इससे भारत के कुछ हिस्सों में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने का खतरा है, जिससे खेती और फसलों पर असर पड़ सकता है।
Location : New Delhi
Published : 11 August 2026, 4:20 PM IST