दिल्ली के वकील सरकार से क्यों है खफा? आज क्यों रहेंगे काम से विरत

नए ट्रैफिक चालान नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज हड़ताल पर रहेंगे। बार कमिटी ने नियम 167 और चालान विवादों के निपटारे के अधिकार को लेकर आपत्ति जताई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 September 2026, 9:26 AM IST

नई दिल्ली: नए ट्रैफिक चालान नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील आज एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। ऑल बार कोऑर्डिनेशन कमिटी ने हड़ताल का ऐलान करते हुए वकीलों से सुबह 11:30 बजे अपने-अपने अदालत परिसरों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

हड़ताल के दौरान वकील अदालतों में न तो व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे और न ही वर्चुअल माध्यम से मामलों की पैरवी करेंगे।

नए नियमों के प्रावधानों पर जताई आपत्ति

वकीलों ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के संशोधित नियम 167 को लेकर विरोध जताया है। इस नियम के तहत चालान जारी होने के 45 दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति को या तो चालान राशि जमा करनी होगी या फिर तय पोर्टल के माध्यम से दस्तावेजों के साथ उसे चुनौती देनी होगी।

यदि तय समय सीमा में चालान को चुनौती नहीं दी जाती है तो उसे स्वीकार किया हुआ माना जाएगा।

चालान निपटारे का अधिकार अधिकारियों को देने पर विरोध

ऑल बार कोऑर्डिनेशन कमिटी की सबसे बड़ी आपत्ति चालान विवादों के निपटारे का अधिकार एसडीएम, कार्यकारी मजिस्ट्रेट और अन्य विभागीय अधिकारियों को दिए जाने को लेकर है।

कमिटी का कहना है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों, तहसीलदारों, जिला परिवहन और ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों को भी चालान विवादों के निपटारे के लिए अधिकृत किया गया है।

वकीलों का तर्क है कि चालान से जुड़े विवादों पर फैसला देने का अधिकार न्यायिक अधिकारियों के बजाय कार्यकारी अधिकारियों को देने से न्यायिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

50 प्रतिशत राशि जमा करने के नियम पर भी सवाल

नए नियमों के तहत यदि कोई व्यक्ति चालान विवाद को लेकर आगे अदालत का रुख करना चाहता है तो उसे पहले चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा करना होगा। बार कमिटी ने इस प्रावधान पर भी आपत्ति जताई है।

20 जनवरी 2026 से लागू हुआ संशोधित नियम

केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में किया गया यह बदलाव 20 जनवरी 2026 से लागू हुआ है। नियम 167 के अनुसार चालान स्वीकार कर भुगतान करने या निर्धारित प्राधिकरण के सामने चुनौती देने के लिए 45 दिनों की समय सीमा तय की गई है।

दिल्ली सरकार ने 14 सितंबर 2026 को नियम 167(5) के तहत चालान विवादों के निपटारे के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्राधिकरण के रूप में नामित किया था। इसी व्यवस्था के खिलाफ दिल्ली के वकीलों ने विरोध दर्ज कराया है।

Location :  delhi-lawyers-strike-against-new-traffic-challan-rules-rule-167-controversy

Published :  21 September 2026, 9:26 AM IST