छुट्टी चाहिए थी, स्कूल को बम से उड़ाने का ईमेल भेज दिया! जांच में छात्रा की पहचान

दिल्ली के लोधी रोड स्थित एयरफोर्स बाल भारती स्कूल को 23 अक्टूबर को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। पुलिस के मुताबिक, छुट्टी कराने के लिए उसी स्कूल की एक नाबालिग छात्रा ने यह ईमेल भेजा था।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 October 2026, 3:57 PM IST

New Delhi: दक्षिणी दिल्ली के लोधी रोड स्थित एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में बम रखे होने की धमकी मिलने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। हाल के दिनों में कई स्कूलों को ऐसी धमकियां मिलने के कारण मामले को गंभीरता से लिया गया। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, धमकी भरा ईमेल भेजने वाली कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसी स्कूल की एक छात्रा थी। आरोप है कि उसने स्कूल में छुट्टी कराने के इरादे से बम की झूठी सूचना दी थी।

23 अक्टूबर को मिला था धमकी भरा ईमेल

पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर को एयरफोर्स बाल भारती स्कूल को एक ईमेल मिला था। इसके विषय में बिल्डिंग में बम रखे होने की बात लिखी गई थी। स्कूलों को लगातार मिल रही बम धमकियों को देखते हुए पुलिस ने इस सूचना को हल्के में नहीं लिया और ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी।

मामले की जांच दक्षिण जिला साइबर थाने को सौंपी गई। टीम ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारियों की पड़ताल की। जांच का मकसद यह पता लगाना था कि धमकी किसने भेजी और इसके पीछे क्या वजह थी।

साइबर पुलिस की जांच में ऐसे खुला मामला

पुलिस के मुताबिक, एसीपी ऑपरेशन बलराम सिंह बेनीवाल की निगरानी में और साइबर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर हंसराज स्वामी के नेतृत्व में टीम ने जांच की। तकनीकी कड़ियों और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से ईमेल भेजने वाली की पहचान की गई।

जांच में सामने आया कि ईमेल उसी स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने भेजा था। पुलिस का दावा है कि छात्रा का मकसद स्कूल में छुट्टी कराना था और इसी वजह से उसने बम रखे होने की झूठी सूचना दी।

इस तरह जिस धमकी को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को गंभीरता से जांच करनी पड़ी, उसके पीछे स्कूल की ही एक छात्रा का नाम सामने आया। हालांकि, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी पुलिस की जांच के आधार पर ही समझी जानी चाहिए।

नाबालिग होने के कारण किशोर न्याय कानून के तहत कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि आरोपी छात्रा नाबालिग है। इसी वजह से उसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। नाबालिग से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधानों के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जाती है।

स्कूलों को बम की धमकी देना केवल छुट्टी कराने का तरीका नहीं है। ऐसी सूचना मिलने पर स्कूल प्रशासन और पुलिस को सुरक्षा संबंधी कदम उठाने पड़ते हैं, संसाधन जांच में लगाने पड़ते हैं और छात्रों तथा अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन सकता है।

इस मामले में पुलिस की तकनीकी जांच से ईमेल भेजने वाली छात्रा की पहचान होने की बात सामने आई है। घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि मजाक या छुट्टी कराने के लिए दी गई झूठी धमकी भी गंभीर सुरक्षा चिंता पैदा कर सकती है और इसके कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  25 October 2026, 3:57 PM IST