ऐसी औलाद दुश्मन को भी ना दें: जिस पिता ने उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उनकी तेरहवीं में भी नहीं आईं बेटियां, गैरों ने निभाईं रस्में

हरियाणा के सोनीपत में बुजुर्ग शिवचरण राम रतन गुप्ता की मौत के बाद उनकी बेटियों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दाह संस्कार से लेकर अस्थि विसर्जन और अब तेरहवीं तक बेटियां शामिल नहीं हुई। गीता मंदिर में हुए कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने पहुंचकर अंतिम रस्में पूरी कराई।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 16 August 2026, 6:15 PM IST

Haryana: हरियाणा के सोनीपत में बुजुर्ग शिवचरण राम रतन गुप्ता की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है। कुछ समय पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बताया गया था कि उनकी बेटियां पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई। बेटियों ने अंतिम संस्कार के लिए पैसे भेजकर कह दिया था कि पिता का अंतिम संस्कार कर दिया जाए। इतना ही नहीं, अस्थि विसर्जन के दौरान भी बेटियां मौके पर नहीं पहुंचीं। हालांकि उस समय वीडियो कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए बातचीत जरूर हुई थी। अब शिवचरण गुप्ता की तेरहवीं का कार्यक्रम भी संपन्न हो गया, लेकिन इसमें भी उनकी बेटियां शामिल नहीं हुई।

गीता मंदिर में हुआ तेरहवीं संस्कार

सोनीपत के गीता मंदिर में हवन-यज्ञ के साथ शिवचरण राम रतन गुप्ता की तेरहवीं की रस्म पूरी की गई। इस दौरान परिवार का कोई सदस्य शामिल होने नहीं पहुंचा। कार्यक्रम में शिवचरण गुप्ता की तस्वीर लगाई गई और लोगों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तेरहवीं के लिए प्रसाद तैयार कराया गया, जिसे कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के बीच बांटा गया। हालांकि, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और स्थानीय नेता इस कार्यक्रम में मौजूद रहे और उन्होंने अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई।

बेटियों ने आने से पहले ही कर दिया था मना

वृद्ध आश्रम चलाने वाले आनंद कुमार ने बताया कि हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सभी अंतिम क्रियाएं पूरी की गई हैं। उन्होंने बताया कि बेटियों ने तेरहवीं कार्यक्रम में आने से पहले ही मना कर दिया था। आनंद कुमार ने समाज में बदलते रिश्तों पर चिंता जताते हुए कहा कि जहां कुछ परिवार अपने बुजुर्गों को वापस लेने के लिए वृद्ध आश्रम पहुंच रहे हैं, वहीं कई बुजुर्ग ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों से परेशान होकर मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करना और बच्चों को अच्छे संस्कार देना बेहद जरूरी है, तभी ऐसे मामलों में कमी आ सकती है।

सामाजिक संस्थाओं ने उठाया संस्कारों का मुद्दा

तेरहवीं कार्यक्रम में पहुंची समाज सेविका सुमन माजरी ने कहा कि आज के समय में संस्कारों की कमी देखने को मिल रही है। इसी वजह से शिवचरण गुप्ता जैसे मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से लोगों में जागरूकता भी आई है। माता-पिता और बच्चों के रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि बच्चों को बचपन से ही परिवार और बड़ों का सम्मान करना सिखाया जाए।

Location :  Haryana

Published :  16 August 2026, 6:15 PM IST