आसमान से आफत या समंदर में महातूफान! 3 दिन बाद क्या होने वाला है?

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान में बदलने की ओर बढ़ रहा है।

Updated : 24 October 2026, 2:17 PM IST

New Delhi: बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र अब चक्रवाती तूफान में बदलने की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटवर्ती इलाकों के पास पहुंचने और तट से टकराने की आशंका है। इस मौसमी सिस्टम के कारण कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा पैदा हो गया है।

बंगाल की खाड़ी में कैसे बढ़ रहा तूफान का खतरा?
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर को डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद 25 अक्टूबर तक इसके गहरे अवदाब और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने का अनुमान है। इसके बाद यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है।

अगर यह सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदलता है, तो इसका नाम अर्नब (Arnab) होगा। यह नाम बांग्लादेश ने दिया है। हालांकि, तूफान की वास्तविक तीव्रता, गति और तट से टकराने की स्थिति मौसम विभाग के आगामी पूर्वानुमानों पर निर्भर करेगी।

ओडिशा में अलर्ट, प्रशासन ने तेज की तैयारी
संभावित चक्रवाती खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने सभी 30 जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। तटीय और दक्षिणी ओडिशा के 16 जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। गंजाम, गजपति, पुरी और खुर्दा जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, ताकि आपात स्थिति में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

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प्रशासन ने जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूल और कॉलेज बंद करने के फैसले लेने का अधिकार भी दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और अग्निशमन विभाग की टीमों को तैयार रखा गया है। सरकार का जोर संभावित आपदा के दौरान जनहानि को शून्य रखने पर है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कहां होगी भारी बारिश?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की आशंका भी है। ओडिशा के तटीय इलाकों में 26 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। 27 अक्टूबर को कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।

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इसके अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
संभावित चक्रवाती तूफान के कारण बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति बिगड़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और गहरे समुद्र में मौजूद मछुआरों को सुरक्षित तट पर लौटने की सलाह दी है। 26 से 29 अक्टूबर के बीच पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

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मौसम विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है। ऐसे में तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखनी चाहिए। तूफान की दिशा, तीव्रता और संभावित प्रभाव को लेकर आगे जारी होने वाले अपडेट अहम होंगे।

Location :  New Delhi

Published :  24 October 2026, 2:17 PM IST