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New Delhi: आईटी सर्विस सेक्टर की प्रमुख कंपनी कोफोर्ज (Coforge) में अचानक बड़ा बदलाव सामने आया है। कंपनी के चेयरपर्सन और स्वतंत्र निदेशक ओ. पी. भट्ट ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कंपनी के आंतरिक ऑडिट में बोर्ड मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार करने और उसे निदेशक मंडल के सामने पेश करने की प्रक्रिया को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं।
कंपनी की ओर से दी गई नियामकीय जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही की ऑडिट योजना के तहत आंतरिक ऑडिटर ने बोर्ड मूल्यांकन की प्रक्रिया की समीक्षा की। इसमें भट्ट के मार्गदर्शन में तैयार की गई बोर्ड मूल्यांकन रिपोर्ट की प्रक्रिया को भी देखा गया।
ऑडिट के दौरान कुछ ऐसी जानकारियों से जुड़े सवाल उठे, जिन्हें निदेशक मंडल के सामने प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला कंपनी के वित्तीय विवरण या वित्तीय मामलों से संबंधित नहीं है।
आंतरिक ऑडिट की टिप्पणियों के बाद कोफोर्ज के निदेशक मंडल ने मामले को गंभीरता से लिया और ओ. पी. भट्ट से स्पष्टीकरण मांगा। कंपनी के मुताबिक, भट्ट ने बोर्ड द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अपना जवाब दिया था।
उस समय तक बोर्ड ने उनके स्पष्टीकरण पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया था और मामले का मूल्यांकन किया जा रहा था। इसी बीच भट्ट ने 8 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
कोफोर्ज ने अपने निवेशकों और बाजार को यह भी स्पष्ट किया है कि इस घटनाक्रम का कंपनी के परिचालन, कारोबारी प्रदर्शन या उसके मार्गदर्शन पर निकट, मध्यम या लंबी अवधि में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इस्तीफे के बाद ओ. पी. भट्ट अब कंपनी की बोर्ड समितियों के सदस्य भी नहीं रहेंगे। यानी चेयरपर्सन पद छोड़ने के साथ ही बोर्ड की अन्य जिम्मेदारियों से भी उनका नाता खत्म हो गया है।
ओ. पी. भट्ट के इस्तीफे के बाद कंपनी ने गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक विवेक शर्मा को अंतरिम चेयरपर्सन नियुक्त किया है। वह 31 जनवरी 2027 तक इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अब कंपनी के लिए आगे की सबसे बड़ी चुनौती बोर्ड में स्थायी नेतृत्व को लेकर होगी। हालांकि कंपनी ने इस बदलाव से कारोबारी गतिविधियों पर किसी प्रभाव की आशंका से इनकार किया है।
कोफोर्ज की शुरुआत भी काफी दिलचस्प रही है। कंपनी की स्थापना पद्म भूषण से सम्मानित राजेंद्र सिंह पवार और IIT के पूर्व छात्र विजय के. थडानी ने मिलकर की थी।
आज कोफोर्ज आईटी सर्विस सेक्टर में एक प्रमुख नाम है और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) तथा इंफोसिस जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के बीच अपनी अलग पहचान रखती है।
ओ. पी. भट्ट का इस्तीफा आंतरिक ऑडिट में सामने आई चिंताओं के बाद आया है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि मामला वित्तीय अनियमितता से जुड़ा नहीं है और कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा। फिलहाल विवेक शर्मा को अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है। अब नजर कंपनी के अगले स्थायी चेयरपर्सन और बोर्ड के आगामी फैसलों पर रहेगी।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 2:19 PM IST
Topics : Business News Coforge Corporate News IT News OP Bhatt