छात्र आंदोलन के बाद CJP का नया प्लान? राकेश टिकैत से मुलाकात, किसानों के मुद्दे पर साथ आने की तैयारी

छात्र आंदोलन स्थगित होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाने के संकेत दिए हैं। पार्टी के प्रवक्ताओं ने भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर समर्थन मांगा है। CJP का कहना है कि शिक्षा के साथ अब किसानों और युवाओं के सवाल भी साझा मंच से उठाए जाएंगे। हालांकि, दोनों संगठनों के किसी संयुक्त प्रदर्शन की आधिकारिक तारीख अभी सामने नहीं आई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 6:05 PM IST

New Delhi: छात्र आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाने की तैयारी में जुटी नजर आ रही है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर समर्थन मांगा गया। CJP के मुताबिक, अब शिक्षा के सवालों के साथ किसानों और युवाओं की समस्याओं को भी एक साझा मंच से उठाने की तैयारी है।

राकेश टिकैत से मुलाकात

CJP के प्रवक्ताओं की राकेश टिकैत से हुई मुलाकात को पार्टी अपने आंदोलन को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। संगठन का कहना है कि युवाओं के साथ-साथ किसानों के मुद्दे भी देश की बड़ी चिंताओं में शामिल हैं। इसी सोच के तहत CJP नेताओं ने किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की और किसानों तथा युवाओं से जुड़े मुद्दों पर समर्थन मांगा।

क्या CJP और BKU साथ करेंगे प्रदर्शन?

राकेश टिकैत से मुलाकात के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या CJP और भारतीय किसान यूनियन आगे मिलकर कोई बड़ा आंदोलन या प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल दोनों संगठनों की तरफ से किसी संयुक्त प्रदर्शन की तारीख या कार्यक्रम का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि CJP की ओर से जिस तरह किसानों के मुद्दों को अपने आंदोलन से जोड़ने की बात कही जा रही है, उससे भविष्य में साझा कार्यक्रम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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छात्रों की FIR को लेकर अब भी सरकार पर दबाव

राकेश टिकैत से मुलाकात के साथ CJP ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों का मुद्दा भी दोहराया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके का कहना है कि अगर छात्रों का कथित उत्पीड़न बंद नहीं हुआ और उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो पार्टी फिर सड़कों पर उतर सकती है। दीपके ने 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान छात्रों को पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि अगर सरकार इसके बावजूद युवाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रखती है तो संगठन जल्द दोबारा आंदोलन शुरू करेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी दिया जा रहा हवाला

छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। CJP के मुताबिक, अदालत ने पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। पार्टी का कहना है कि जिन प्रदर्शनकारियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा करने का आदेश भी दिया गया है। वहीं पहले से दर्ज एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति दी गई है।

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'सरकार अपने वादे से पीछे हट रही'

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने पहले सार्वजनिक तौर पर भरोसा दिया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी और पुराने मामलों को भी वापस लिया जाएगा। दास के मुताबिक, संगठन को उम्मीद थी कि सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आधार बनाकर अपने पहले के आश्वासन से पीछे हट रही है।

अब किसानों और युवाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश

राकेश टिकैत से मुलाकात को इसी पूरे घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। CJP अब छात्रों के मुद्दे को किसानों और युवाओं के व्यापक सवालों से जोड़ने की कोशिश कर रही है। पार्टी का दावा है कि शिक्षा, पेपर लीक, रोजगार और किसानों से जुड़े मुद्दे अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि युवाओं और आम लोगों के भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में संगठन इन मुद्दों को साझा मंच पर उठाने की तैयारी कर रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  29 July 2026, 6:05 PM IST