CJP Protest: अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, कोर्ट ने दिया रिहाई का आदेश

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के बीच अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रिहा करने का आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, अभिजीत के परिवार ने उनसे संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता जताई है। मेट्रो-ट्रेन मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर भी नजर है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 11 October 2026, 10:32 AM IST

New Delhi: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को राजनीतिक और कानूनी हलचल जारी है। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन मार्च बुलाया है। इससे पहले शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने समर्थकों को रास्ते में रोक दिया था। अब तीन नेताओं की रिहाई और अभिजीत दिपके के परिवार की चिंता इस मामले में चर्चा का विषय बनी हुई है।

दिपके, रांका और सौरव को रिहा करने का आदेश

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, CJP से जुड़े अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियाती कार्रवाई के तहत हिरासत में लिया गया था। बाद में तीनों को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीनों नेताओं को रिहा करने का आदेश दिया। समाचार एजेंसी आईएएनएस के हवाले से भी उनकी रिहाई की जानकारी सामने आई है। हालांकि, रिहाई के बाद तीनों की मौजूदा स्थिति और उनके आगे के कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

अभिजीत दिपके के परिवार की बढ़ी चिंता

दूसरी ओर, महाराष्ट्र के हिंगोली में अभिजीत दिपके के परिवार ने उनसे संपर्क नहीं हो पाने पर चिंता जताई है। उनके पिता भगवान दिपके का दावा है कि उन्होंने बेटे से बात करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उन्होंने दिल्ली पुलिस के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभिजीत के दोस्तों से उन्हें जानकारी मिली कि उसे दिल्ली से कहीं और ले जाया गया है।

अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी बेटे की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उन्हें उसकी सुरक्षा और मौजूदा ठिकाने को लेकर जानकारी चाहिए।

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दादी के अंतिम संस्कार को लेकर भावुक दावा

परिजनों के मुताबिक, अभिजीत की दादी का निधन हो गया है। परिवार को उम्मीद थी कि अभिजीत घर पहुंच जाएगा, इसलिए उनके दावे के अनुसार अंतिम संस्कार को फिलहाल रोककर रखा गया है। मां का कहना है कि यदि बेटे को निधन की सूचना मिल गई होती, तो वह अब तक घर पहुंच चुका होता।

मेट्रो-ट्रेन मामले में सुनवाई पर नजर

प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर कथित रोक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की बात भी सामने आई है। सुनवाई का समय, मामला और अदालत का आदेश आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित किया जाना चाहिए। फिलहाल, तीनों नेताओं की रिहाई के बाद भी अभिजीत दिपके की स्थिति को लेकर परिवार के सवाल इस पूरे घटनाक्रम का अहम पहलू बने हुए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  11 October 2026, 10:27 AM IST