
अब व्यवस्था बदलने में लगेगी CJP की ताकत (Img- X)
New Delhi: देश में परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुंकार भरने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक बड़ा और अप्रत्याशित फैसला लिया है। अक्सर आंदोलन के बाद संगठन राजनीतिक पार्टियां बना लेते हैं, लेकिन CJP ने चुनावी राजनीति के अखाड़े में उतरने से साफ़ इनकार कर दिया है। इसके बजाय, संगठन ने फैसला किया है कि वह देश में छात्रों के हितों के लिए एक मजबूत 'नेशनल प्रेशर ग्रुप' (राष्ट्रीय दबाव समूह) के रूप में काम करेगा, ताकि सरकार और व्यवस्था पर सीधे सवाल दागे जा सकें।
संगठन के भविष्य की दिशा तय करने के लिए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर नेताओं का जमावड़ा लगा। यहाँ करीब सात घंटे तक मैराथन बैठक हुई। बैठक के दौरान इस बात पर गहन चर्चा की गई कि जंतर-मंतर से शुरू हुई इस आग को पूरे देश में कैसे फैलाया जाए। CJP अब देश के अलग-अलग राज्यों में बिखरे छात्र संगठनों का एक विशाल राष्ट्रीय नेटवर्क खड़ा करने जा रही है, जो हर राज्य में शिक्षा से जुड़ी लड़ाइयों में छात्रों का साथ देगा।
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CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि यह रणनीति बंद कमरों में नहीं, बल्कि सीधे जनता और समर्थकों की राय से बनी है। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए आए हजारों युवाओं के सुझावों को खंगाला गया और उनकी उम्मीदों को ध्यान में रखकर आगे के कदम तय किए गए हैं। अभिजीत दीपके का कहना है कि आज आम जनता का नेताओं, न्यायपालिका और पूरी व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है। ऐसे में एक स्वतंत्र दबाव समूह ही युवाओं की सच्ची आवाज बन सकता है।
CJP ने स्पष्ट किया है कि उसका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को दूर करने पर रहेगा। परीक्षाओं में पारदर्शिता, समय पर रिजल्ट, सख्त कानून और छात्र कल्याण ही उनका इकलौता एजेंडा है। इसके साथ ही नेतृत्व ने तय किया है कि यह पूरा आंदोलन पूरी तरह अहिंसक और लोकतांत्रिक रहेगा, जिसकी नींव महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर टिकी होगी। संगठन किसी भी पारंपरिक राजनीतिक दल का मोहरा बने बिना स्वतंत्र रूप से अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
Location : New Delhi
Published : 6 August 2026, 11:24 AM IST