20 घुसपैठिए और एक सोशल मीडिया पोस्ट, कैसे असम से शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय टेबल पर पहुंच गया?

असम के मुख्यमंत्री के बयान को लेकर बांग्लादेश ने नाराजगी जताई है। इस सिलसिले में बांग्लादेश की सरकार ने भारतीय अधिकारी को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। बांग्लादेश का कहना है कि इस तरह की बातों से दोनों देशों के आपसी रिश्तों पर बुरा असर पड़ता है। फिलहाल दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत चल रही है।

Updated : 2 May 2026, 4:38 AM IST

New Delhi: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा घुसपैठियों को लेकर दिए गए हालिया बयान पर भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों को 'अपमानजनक' और द्विपक्षीय संबंधों के लिए 'हानिकारक' करार देते हुए भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को तलब किया। ढाका ने स्पष्ट किया कि इस तरह के सार्वजनिक बयान दोनों पड़ोसी देशों के बीच मित्रता की भावना को कमजोर करते हैं।

'पुशबैक' और सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने राज्य से 20 विदेशी नागरिकों को पकड़े जाने और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की जानकारी दी थी।

Sonbhadra News: बिजली का कहर, हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, पढ़ें पूरी खबर

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए लिखा था कि "लातों के भूत बातों से नहीं मानते।" उन्होंने घुसपैठियों के खिलाफ इस 'पुशबैक' अभियान को जारी रखने की बात कही थी, जिस पर बांग्लादेश ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

कूटनीतिक स्तर पर विरोध और संयम की अपील

बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की महानिदेशक (दक्षिण एशिया) इशरत जहां ने भारतीय राजनयिक को ढाका के रुख से अवगत कराते हुए कहा कि संवेदनशील द्विपक्षीय मुद्दों पर टिप्पणी करते समय संयम बरतना आवश्यक है।

Budaun News: शराब, रफ़्तार और रसूख; बदायूं में सड़क पर मौत बनकर दौड़ी कार को कौन चला रही थी वो मिस्ट्री गर्ल?

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के बयान प्रतिकूल साबित हो सकते हैं। हालांकि, भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के निजी विचार भारत सरकार के आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच तनाव

अगस्त 2024 में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गठन के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में कुछ खिंचाव देखा जा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में हुए संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की जीत और तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद संबंधों को पुनः पटरी पर लाने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे समय में इस कूटनीतिक विवाद ने नई दिल्ली और ढाका के लिए संबंधों को संतुलित रखने की चुनौती बढ़ा दी है।

Location :  New Delhi

Published :  2 May 2026, 4:38 AM IST