अरुणाचल में सियांग बांध के विरोध ने लिया हिंसक रूप, पुलिस पर पथराव; कई सरकारी संपत्तियों में तोड़फोड़

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट क्षेत्र में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग बांध परियोजना के विरोध में हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने और NHPC कार्यालय में आग लगा दी। 40 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि BJP नेताओं के आवासों पर भी हमले किए गए।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 25 October 2026, 9:31 AM IST

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना (SUMMP) को लेकर विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। पूर्वी सियांग जिले के पासीघाट क्षेत्र में शुक्रवार रात प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) के कार्यालय और एक पुलिस थाने में आग लगा दी गई। हिंसा और पथराव में 40 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है। प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय नागरिकों और महिलाओं को भी चोटें आईं।

NHPC कार्यालय और पुलिस थाने में आगजनी, सरकारी संपत्तियों को नुकसान

प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में जुटी भीड़ ने कई सरकारी प्रतिष्ठानों और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया। प्रदर्शनकारियों ने NHPC कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी। इसके अलावा, इलाके में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।

हिंसा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और स्थानीय विधायकों ओनी पन्यांग तथा निनोंग एरिंग के निजी आवासों पर भी हमला किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर घरों में तोड़फोड़ की और सामान उठा ले गए। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

40 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल, प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर भी विरोध

हिंसक प्रदर्शन और पथराव के दौरान 40 से अधिक पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय नागरिकों और महिलाओं के भी चोटिल होने की खबर है। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सामने आया।

स्थानीय संगठनों और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की प्रमुख मांगों में परियोजना के प्रारंभिक व्यवहार्यता सर्वेक्षण को पूरी तरह रोकना, गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों को रिहा करना और इलाके से अतिरिक्त सुरक्षा बलों को हटाना शामिल है। इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुआ और स्थिति हिंसक हो गई।

क्यों हो रहा है 11,200 मेगावाट की परियोजना का विरोध?

सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर स्थानीय निवासियों और स्वदेशी समुदायों में चिंता है। विरोध करने वालों का मानना है कि इतनी बड़ी जलविद्युत परियोजना से बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित होना पड़ सकता है। इसके साथ ही पैतृक जमीन के नुकसान और क्षेत्र की जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

स्थानीय समुदायों के लिए जमीन केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से भी जुड़ी है। इसी वजह से परियोजना के प्रारंभिक सर्वेक्षण को लेकर भी विरोध हो रहा है।

फिलहाल, इस घटनाक्रम ने विकास परियोजनाओं, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज कर दी है। हिंसा में हुए नुकसान और प्रदर्शनकारियों की मांगों के बीच आगे प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

Location :  Arunchal Pradesh

Published :  25 October 2026, 9:31 AM IST