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क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड? (Source: X)
New Delhi: अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है। 14 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता ने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में धरना दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी परिवार से मिलने पहुंचे। इसके बाद 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता और कुछ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। परिवार की मांग है कि मामले में चल रही सीबीआई जांच पूरी होने तक राज्यपाल की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को 30 मई 2025 को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। तीनों दोषी जेल में सजा काट रहे हैं।
हालांकि, मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर विवाद बना हुआ है। अंकिता के माता-पिता और कुछ सामाजिक कार्यकर्ता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम कथित वीआईपी के संदर्भ में उठाते रहे हैं। गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई थी। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
दुष्यंत कुमार गौतम को 12 अक्टूबर 2026 को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की घोषणा के बाद अंकिता के परिवार ने विरोध तेज कर दिया। परिवार की मांग है कि कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। अंकिता के पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने परिवार की मांग का समर्थन किया। राहुल गांधी ने भी जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रोकने की मांग उठाई। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
15 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेताओं और अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता को सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
रिहाई के बाद अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे। परिवार ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी मांग पूरी होने तक विरोध जारी रखेगा।
अंकिता हत्याकांड की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने एसआईटी गठित की थी। जांच से जुड़े अधिकारी शेखर सुयाल ने जनवरी 2026 में कहा था कि रिजॉर्ट में ठहरने वाले लोगों की जांच की गई, लेकिन किसी कथित वीआईपी की भूमिका के संबंध में ठोस जानकारी नहीं मिली। दूसरी ओर, परिवार कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी करने की मांग पर कायम है।
अब इस मामले में मुख्य सवाल यह है कि परिवार की मांग पर सरकार और संबंधित जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं। तीन दोषियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों और जांच की स्थिति पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
Location : New Delhi
Published : 15 October 2026, 10:40 AM IST