
सुप्रीम कोर्ट (Photo Source Internet)
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ई-कॉमर्स कंपनी Amazon को बड़ी कानूनी राहत देते हुए फ्यूचर ग्रुप से जुड़े निवेश विवाद में उसके खिलाफ दिए गए सभी बड़े नियामक आदेशों को रद्द कर दिया है। अदालत ने National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) के 13 जून 2022 के फैसले और Competition Commission of India (CCI) के 17 दिसंबर 2021 के आदेश दोनों को निरस्त कर दिया।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने स्पष्ट किया कि CCI द्वारा अमेजन पर लगाया गया 202 करोड़ रुपये का जुर्माना भी रद्द किया जाता है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अमेजन से वसूली गई या जमा कराई गई कोई भी राशि आठ सप्ताह के भीतर वापस की जाए।
यह पूरा मामला अमेजन के 2019 के उस निवेश से जुड़ा था जिसमें उसने फ्यूचर कूपन्स प्राइवेट लिमिटेड में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी। आरोप था कि निवेश के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया था, जिस आधार पर CCI ने जुर्माना लगाया था और सौदे पर रोक जैसी कार्रवाई की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में अमेजन को निर्णायक राहत मिली है।
सीसीआई ने पहले दी मंजूरी, फिर लगाया जुर्माना
सीसीआई ने 28 नवंबर 2019 को इस सौदे को मंजूरी दी थी। आयोग ने कहा था कि इस लेनदेन से भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया था कि अगर दी गई जानकारी गलत पाई गई तो मंजूरी स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
बाद में सीसीआई ने अमेजन के आंतरिक दस्तावेजों की जांच की। आयोग के अनुसार, इन दस्तावेजों से पता चला कि अमेजन की रुचि केवल एफसीपीएल के गिफ्ट कार्ड कारोबार तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसका उद्देश्य फ्यूचर रिटेल और भारत के ऑफलाइन रिटेल सेक्टर में रणनीतिक पकड़ बनाना था।
Location : New Delhi
Published : 27 May 2026, 1:23 PM IST
Topics : Amazon CCI fine NCLAT Supreme Court