अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना, कड़ी सुरक्षा के बीच 57 दिन चलेगी पवित्र यात्रा

अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत गुरुवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से हुई। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 5 हजार से अधिक श्रद्धालु पहलगाम और बालटाल मार्ग के लिए रवाना हुए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 July 2026, 7:12 PM IST

New Delhi: देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 की शुरुआत गुरुवार को जम्मू से हो गई। भगवती नगर बेस कैंप से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना किया गया। इस दौरान पूरे परिसर में "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और "जय बाबा बर्फानी" के जयकारे गूंजते रहे।पहले जत्थे में 5,000 से अधिक श्रद्धालु शामिल रहे, जिन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहलगाम और बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना किया गया।

3 जुलाई से शुरू होगी गुफा तक की यात्रा

श्री अमरनाथ गुफा मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। श्रद्धालु दो मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। पहला पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और दूसरा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जिसे छोटा लेकिन अधिक कठिन माना जाता है।

रवाना होने से पहले हुई विशेष पूजा

पहले जत्थे को रवाना करने से पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर बेस कैंप में विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा, विपक्ष के नेता सुनील शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके बाद श्रद्धालुओं के काफिले को सुरक्षा घेरे में कश्मीर के लिए रवाना किया गया।

श्रद्धालुओं ने की व्यवस्थाओं की सराहना

देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। गुजरात के सूरत से आए सुरेश कुमार ने बताया कि वह पहली बार अमरनाथ यात्रा पर जा रहे हैं और प्रशासन व सुरक्षा बलों की तैयारियों से संतुष्ट हैं। वहीं, काशी से आए संत सुखम दास ने कहा कि पिछले कई वर्षों की तुलना में इस बार बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जयपुर की रजनी देवी ने भी श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और प्रशासन की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने से श्रद्धालुओं को किसी तरह की चिंता नहीं है।

सुरक्षा और ट्रैफिक के विशेष इंतजाम

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू से लेकर कश्मीर तक कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पूरे मार्ग पर पुलिस, अर्धसैनिक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। इसके अलावा आधुनिक तकनीक के जरिए निगरानी भी की जा रही है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रा के दौरान ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। 2 जुलाई से 28 अगस्त तक विभिन्न स्थानों पर समय-समय पर यातायात प्रतिबंध भी लागू रहेंगे, ताकि श्रद्धालुओं का काफिला सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सके।

3.9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए 3.9 लाख से अधिक श्रद्धालु पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं, जिन श्रद्धालुओं ने पहले पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए जम्मू में ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 3 जुलाई से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से श्रद्धालुओं की यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  2 July 2026, 7:12 PM IST