
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: गूगल)
New Delhi: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी अब आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डालने वाली है। अगर आप सोच रहे हैं कि इसका असर सिर्फ गाड़ी चलाने वालों तक सीमित रहेगा तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। आने वाले दिनों में सब्जियां, किराना, ऑनलाइन डिलीवरी, टैक्सी किराया और रोजमर्रा की कई जरूरी चीजें महंगी हो सकती हैं। बढ़ती ईंधन कीमतों ने बाजार में महंगाई की नई चिंता पैदा कर दी है। विशेषज्ञ इसे घरेलू बजट के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं।
FMCG कंपनियों ने जताई चिंता
तेजी से बिकने वाले कंज्यूमर प्रोडक्ट्स यानी FMCG सेक्टर की बड़ी कंपनियां पहले ही लागत बढ़ने को लेकर चिंता जता चुकी हैं। बिस्कुट, स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेटबंद फूड, खाद्य तेल और ड्रिंक प्रोडक्ट्स जैसी चीजें बड़े लॉजिस्टिक नेटवर्क के जरिए देशभर में पहुंचाई जाती हैं। कंपनियों के ऑपरेशन कॉस्ट का बड़ा हिस्सा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर खर्च होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने का सीधा असर इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर पड़ सकता है।
डेयरी प्रोडक्ट्स भी होंगे महंगे
दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में अमूल और मदर डेयरी जैसी कंपनियों ने दूध के दाम में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। कंपनियों का कहना है कि परिवहन और संचालन लागत बढ़ने से यह फैसला लेना पड़ा। अब इसका असर दही, मक्खन, पनीर, चीज और आइसक्रीम जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स पर भी देखने को मिल सकता है।
सब्जियों और किराने के सामान पर असर
भारत की फूड सप्लाई चेन काफी हद तक सड़क परिवहन पर निर्भर है। खेतों से मंडियों तक और मंडियों से दुकानों तक सामान पहुंचाने में ट्रकों और मालवाहक वाहनों का इस्तेमाल होता है। डीजल की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिसका बोझ आखिर में ग्राहकों पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो रसोई का बजट और ज्यादा बिगड़ सकता है।
खेती की लागत भी बढ़ेगी
किसानों के लिए भी डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। ट्रैक्टर, सिंचाई पंप, कटाई मशीनें और फसल ढुलाई जैसे ज्यादातर कृषि कार्य डीजल आधारित उपकरणों से होते हैं। ऐसे में खेती की लागत बढ़ने से आने वाले समय में अनाज, दाल और अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ग्रामीण इलाकों पर इसका असर और ज्यादा पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ऑनलाइन डिलीवरी और सफर भी होगा महंगा
ऑनलाइन फूड डिलीवरी, ई-कॉमर्स कंपनियां और कूरियर सेवाएं भी बढ़ती फ्यूल कीमतों से प्रभावित हो सकती हैं। कंपनियां डिलीवरी चार्ज बढ़ा सकती हैं या फिर छूट कम कर सकती हैं। वहीं टैक्सी किराया, बस यात्रा, कूरियर शुल्क और ट्रांसपोर्ट सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। यानी आने वाले दिनों में महंगाई का असर हर घर और हर जेब तक पहुंचने वाला है।
Location : New Delhi
Published : 16 May 2026, 7:07 PM IST