
मुंबई की लाइफलाइन BEST ठप (Image Source: Pinterest)
Mumbai: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। मुंबईकरों की लाइफलाइन कही जाने वाली 'बेस्ट' (BEST) के परिवहन (बस) और बिजली विभाग के हजारों कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है।
कर्मचारियों की 'संयुक्त कार्य समिति' (कृति समिति) का आरोप है कि प्रशासन लंबे समय से उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जिसके कारण उनके पास आंदोलन का रास्ता चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। इस हड़ताल के कारण मुंबई की सड़कों पर बसों के पहिए थमने की कगार पर हैं और दक्षिण मुंबई में बिजली संकट का खतरा मंडरा रहा है।
इस पूरे आंदोलन और हड़ताल का मुख्य केंद्र बिंदु कर्मचारियों की वो मांगें हैं, जिन्हें लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। बेस्ट संयुक्त कामगार कृति समिति ने प्रशासन और सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं, जिन पर वे तुरंत ठोस कार्रवाई चाहते हैं:
1. BMC बजट में शामिल हो 'बेस्ट': कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग है कि घाटे से जूझ रहे बेस्ट (BEST) के बजट को मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुख्य बजट में पूरी तरह से शामिल (विलय) किया जाए, ताकि वित्तीय स्थिरता मिल सके।
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2. वेतन समझौते और बकाए का भुगतान: साल 2016 से लेकर 2026 तक के वेतन समझौते को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और कर्मचारियों की रुकी हुई बकाया राशि (Arrears) का तुरंत भुगतान हो।
3. रिटायर्ड कर्मियों का पैसा मिले: नौकरी से सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व कर्मचारियों का जो भी पैसा प्रशासन के पास अटका हुआ है, उसे बिना किसी देरी के चुकाया जाए।
4. कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को स्थायी नौकरी: वर्तमान में अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को विभाग में परमानेंट (स्थायी) नौकरी दी जाए।
5. 5,000 नई बसों की खरीद: बेस्ट के बेड़े को मजबूत करने के लिए खुद के स्वामित्व वाली 5,000 नई सरकारी बसें खरीदी जाएं।
6. नई भर्ती और पदोन्नति: विभाग में खाली पड़े पदों पर तुरंत नई भर्ती शुरू की जाए और कर्मचारियों की रुकी हुई पदोन्नति (प्रमोशन) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
इस हड़ताल का सबसे सीधा और बुरा असर मुंबई की आम जनता पर पड़ रहा है। मुंबई में इस समय मानसून (बारिश) का मौसम चल रहा है, जिसके कारण पहले से ही सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम रहता है और लोकल ट्रेनों पर दबाव बहुत अधिक होता है। हर दिन लाखों लोग दफ्तर आने-जाने के लिए इन बसों का उपयोग करते हैं। बसों के बंद होने से अब लोकल ट्रेन, मेट्रो, ऑटो और टैक्सियों पर भीड़ का बोझ अचानक कई गुना बढ़ जाएगा। इसके अलावा, बिजली विभाग के हड़ताल में शामिल होने से दक्षिण मुंबई के व्यापारियों और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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दूसरी तरफ, बेस्ट प्रशासन का कहना है कि बस और बिजली दोनों ही बेहद अनिवार्य और जरूरी सेवाएं हैं। आम जनता को इस असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, स्थिति को बेकाबू होने से रोकने के लिए प्रशासन अब आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ 'अत्यावश्यक सेवा कानून' (MESMA) के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने पर भी विचार कर रहा है। फिलहाल, पूरी मुंबई की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच वार्ता से इस संकट का समाधान कब तक निकलता है।
Location : Mumbai
Published : 19 June 2026, 2:43 PM IST