
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Img: Pinterest)
Pune: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। जिस लड़की (मंगेतर सिया गोयल) से केतन की शादी होने वाली थी, उसी पर अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या की खौफनाक साजिश रचने का आरोप लगा है। शुरुआत में इस घटना को महज एक ट्रैकिंग हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस जांच में जनवरी से जून के बीच दोनों आरोपियों के बीच हुई हजारों कॉल्स और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने इस खूनी राज का पर्दाफाश कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद समाज और विज्ञान जगत में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या कोई इंसान केवल रिश्तों की कड़वाहट के कारण ऐसा कदम उठाता है, या फिर इसके पीछे दिमाग के भीतर चलने वाली कोई न्यूरोलॉजिकल (Neurological) वजह भी होती है? इसी बहस ने वैज्ञानिकों का ध्यान मस्तिष्क के 'ग्रे मैटर' (Grey Matter) की ओर खींचा है।
मानव मस्तिष्क का एक बड़ा हिस्सा 'ग्रे मैटर' से बना होता है, जिसमें अरबों न्यूरॉन्स (तंत्रिका कोशिकाएं) मौजूद होती हैं। हमारे दिमाग का यही हिस्सा इंसान के सोचने, समझने, सही-गलत का निर्णय लेने, भावनाओं को नियंत्रित करने और सामाजिक व्यवहार को संचालित करने का काम करता है। जब हम किसी के प्रति सहानुभूति या दर्द महसूस करते हैं, या खुद को किसी अनैतिक काम को करने से रोकते हैं, तो उसमें इसी ग्रे मैटर की मुख्य भूमिका होती है। न्यूरोसाइंटिस्ट्स के अनुसार, एक स्वस्थ दिमाग में ग्रे मैटर की मात्रा सही निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के प्रोफेसर जीन डेसेटी और न्यू मैक्सिको यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट केंट कीहल के एक संयुक्त शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 'ब्रेन इमेजिंग एंड बिहेवियर' जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के तहत 800 से अधिक कैदियों के दिमाग का एमआरआई (MRI) स्कैन किया गया। जांच में देखा गया कि जिन अपराधियों ने हत्या या हत्या का प्रयास किया था, उनके मस्तिष्क के 'ऑर्बिटोफ्रंटल कॉर्टेक्स' और 'एंटीरियर टेम्पोरल लोब' जैसे हिस्सों में आम कैदियों की तुलना में ग्रे मैटर की मात्रा काफी कम थी। दिमाग के ये हिस्से सीधे तौर पर भावनात्मक नियंत्रण और सहानुभूति से जुड़े होते हैं।
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि केवल ग्रे मैटर की कमी होना किसी के अपराधी या साइको किलर बनने की सीधी वजह नहीं है। 'साइको किलर' कोई मेडिकल शब्द नहीं है, बल्कि यह ऐसे हिंसक अपराधियों के लिए इस्तेमाल होता है जो बिना किसी पछतावे या ठंडे दिमाग से हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। किसी भी व्यक्ति के हिंसक होने के पीछे दिमाग की संरचना के अलावा उसका सामाजिक माहौल, बचपन के आघात (Trauma), परवरिश, अत्यधिक ईर्ष्या और मानसिक विकार जैसे कई बाहरी कारक भी जिम्मेदार होते हैं। इसलिए केवल ब्रेन स्कैन देखकर किसी को अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता, लेकिन आधुनिक न्यूरोसाइंस (Neuroscience) के जरिए समय रहते ऐसे हिंसक लक्षणों की पहचान कर काउंसलिंग की जा सकती है।
Location : Pune
Published : 29 June 2026, 12:02 PM IST
Topics : Ketan Agrawal Pune Murder Sia Goyal