Mumbai News: फैसला पसंद नहीं आया तो खोया आपा, जज पर की हमले की कोशिश अब अवमानना की कार्रवाई!

Bombay High Court में अपने खिलाफ आदेश आने पर एक महिला के रोने-चिल्लाने और जज की ओर पर्स फेंकने की कोशिश का मामला सामने आया। महिला ने लिखित माफी मांगी। अदालत ने अवमानना की कार्रवाई और भारी जुर्माने के संकेत दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 October 2026, 1:25 PM IST

Mumbai: मुंबई स्थित बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक महिला के व्यवहार से अदालत में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अपने और बच्चों के खिलाफ आदेश आने के बाद महिला कथित तौर पर रोने और चिल्लाने लगी। उसने जज की ओर अपना पर्स फेंकने की कोशिश भी की, हालांकि वह ऐसा करने से रुक गई। घटना के बाद महिला ने लिखित रूप में माफी मांगी। अदालत ने उसके व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए अवमानना की कार्रवाई और भारी जुर्माने के संकेत दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट में ठुकराल परिवार के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई चल रही थी। विवाद एक संपत्ति पर कब्जे से जुड़ा है। मकान मालिक ने वर्ष 2009 में ठुकराल परिवार की महिला के ससुर के खिलाफ बेदखली का मुकदमा दायर किया था।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मकान मालिक के पक्ष में फैसला आने के बाद अप्रैल 2025 में बेदखली का आदेश लागू किया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद ठुकराल परिवार ने दोबारा संपत्ति में प्रवेश कर कब्जा कर लिया। इसके बाद मकान मालिक का परिवार मामले को लेकर हाई कोर्ट पहुंचा।

आदेश सुनते ही रोने और चिल्लाने लगी महिला

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि आरोपियों का व्यवहार न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने जैसा है। अदालत ने कोर्ट रिसीवर को संपत्ति का कब्जा लेने और याचिकाकर्ताओं को सौंपने का निर्देश दिया। इसके लिए पुलिस सुरक्षा लेने की अनुमति भी दी गई।

बॉम्बे हाई कोर्ट (Img- Pinterest)

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अदालत का आदेश सुनने के बाद मिंडर गुरमीत सिंह ठुकराल कथित तौर पर नाराज हो गईं। वह रोने और चिल्लाने लगीं। इसी दौरान उन्होंने जज की ओर अपना पर्स फेंकने की कोशिश की, लेकिन बाद में खुद को रोक लिया। इसके बाद उन्होंने अदालत को लिखित माफीनामा भी सौंपा।

जस्टिस जामदार ने लगाई कड़ी फटकार

महिला के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि किसी पक्ष के खिलाफ आदेश आने का मतलब यह नहीं है कि वह अदालत में अनुचित व्यवहार करे। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बुलाया और महिला को कोर्ट रूम से बाहर निकालने का निर्देश दिया।

न्यायिक कार्यवाही के दौरान इस तरह का व्यवहार अदालत की गरिमा और प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जा सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि महिला के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने और भारी जुर्माना लगाने पर विचार किया जा सकता है।

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30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। अब अदालत महिला के व्यवहार, लिखित माफी और अवमानना से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार कर सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभी भारी जुर्माने या अवमानना के तहत अंतिम दंड का फैसला नहीं हुआ है। आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।

Location :  Mumbai

Published :  29 October 2026, 1:25 PM IST