रूमेटाइड अर्थराइटिस का फैमिली कनेक्शन कितना मजबूत? 4.5 गुना बढ़ सकता है रिस्क, लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं

रूमेटाइड अर्थराइटिस में जेनेटिक फैक्टर की भूमिका जरूर होती है, लेकिन यह पूरी तरह आनुवंशिक बीमारी नहीं है। परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को RA होने पर seropositive RA का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि 4.5 गुना बढ़ा हुआ relative risk बीमारी होने की 4.5 में 1 संभावना नहीं बताता। स्मोकिंग और दूसरे पर्यावरणीय कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 23 September 2026, 4:14 PM IST

New Delhi: क्या रूमेटाइड अर्थराइटिस (RA) परिवार में चलने वाली बीमारी है? अगर माता-पिता या भाई-बहन में से किसी को रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या अगली पीढ़ी में भी इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसका सीधा जवाब है कि रूमेटाइड अर्थराइटिस में जेनेटिक यानी आनुवंशिक भूमिका जरूर होती है, लेकिन यह पूरी तरह जेनेटिक बीमारी नहीं है। परिवार में किसी करीबी रिश्तेदार को RA होने से बीमारी की संवेदनशीलता बढ़ सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे को भी यह बीमारी निश्चित रूप से होगी।

रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों के आसपास के ऊतकों पर हमला करने लगता है। बीमारी के विकास में जीन्स के साथ-साथ स्मोकिंग और दूसरे पर्यावरणीय व इम्यून फैक्टर्स की भी भूमिका मानी जाती है।

परिवार में RA होने पर रिस्क क्यों बढ़ता है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन यानी NCBI में उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य के मुताबिक, रूमेटाइड अर्थराइटिस को आमतौर पर एक मल्टीफैक्टोरियल ऑटोइम्यून बीमारी माना जाता है। इसका मतलब है कि बीमारी सिर्फ किसी एक जीन की वजह से नहीं होती, बल्कि कई आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के बीच जटिल संबंध से इसका खतरा बढ़ सकता है।

अगर परिवार में किसी माता-पिता या भाई-बहन को RA है, तो व्यक्ति को बीमारी से जुड़ी कुछ जेनेटिक संवेदनशीलता विरासत में मिल सकती है। लेकिन केवल यह संवेदनशीलता बीमारी पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं होती। यही वजह है कि एक ही परिवार के कई सदस्यों में समान जेनेटिक रिस्क होने के बावजूद सभी लोगों को रूमेटाइड अर्थराइटिस नहीं होती।

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HLA-DRB1 जीन का क्या कनेक्शन है?

रूमेटाइड अर्थराइटिस से जुड़े कई जेनेटिक वेरिएंट की पहचान की गई है। इनमें HLA-DRB1 सबसे महत्वपूर्ण जेनेटिक क्षेत्रों में से एक माना जाता है। HLA-DRB1 के कुछ वेरिएंट को वैज्ञानिक साहित्य में “Shared Epitope” के नाम से जाना जाता है। ये वेरिएंट इम्यून सिस्टम के काम करने के तरीके से जुड़े होते हैं और खास तौर पर seropositive rheumatoid arthritis के बढ़े हुए जोखिम से संबंध रखते हैं।

लेकिन यहां भी यह समझना जरूरी है कि किसी व्यक्ति में ऐसा जेनेटिक वेरिएंट मौजूद होने का मतलब यह नहीं है कि उसे निश्चित रूप से RA हो जाएगी। यह बीमारी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने वाला एक फैक्टर हो सकता है।

Smoking से बढ़ सकता है जोखिम

रूमेटाइड अर्थराइटिस में जेनेटिक रिस्क और पर्यावरणीय कारकों के बीच संबंध को समझने के लिए स्मोकिंग एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। वैज्ञानिक अध्ययनों में HLA-DRB1 के कुछ “Shared Epitope” वेरिएंट और स्मोकिंग के बीच इंटरैक्शन पाया गया है। खास तौर पर मौजूदा स्मोकर्स में, यदि ऐसे जेनेटिक वेरिएंट मौजूद हों, तो seropositive RA का जोखिम उन लोगों की तुलना में काफी अधिक पाया गया है जिनमें न तो यह जेनेटिक संवेदनशीलता थी और न ही स्मोकिंग का एक्सपोजर।

माता-पिता को RA है तो कितने प्रतिशत खतरा?

यह सबसे आम सवाल है, लेकिन इसका एक ऐसा निश्चित प्रतिशत बताना संभव नहीं है जो हर परिवार और हर व्यक्ति पर लागू हो। NCBI में प्रकाशित 2023 की एक बड़ी population-based study के मुताबिक, first-degree relative यानी माता-पिता या भाई-बहन जैसे करीबी रिश्तेदार में RA होने पर seropositive rheumatoid arthritis का जोखिम लगभग 4.52 गुना पाया गया। लाइफस्टाइल फैक्टर्स को एडजस्ट करने के बाद यह आंकड़ा करीब 4.49 गुना रहा।

4.5 गुना ज्यादा relative risk का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि माता-पिता को RA होने पर बच्चे के बीमार होने की 4.5 में से 1 संभावना है। Relative risk किसी दूसरे समूह की तुलना में जोखिम में वृद्धि बताता है, जबकि absolute risk बीमारी होने की वास्तविक संभावना को दर्शाता है। दोनों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए।

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क्या सिर्फ जीन्स से होती है रूमेटाइड अर्थराइटिस?

नहीं। अगर सिर्फ जीन्स ही RA की वजह होते, तो समान जेनेटिक मटीरियल वाले identical twins में बीमारी हमेशा दोनों को होती। लेकिन ऐसा नहीं होता। ट्विन स्टडीज में भी यह देखा गया है कि समान या लगभग समान जेनेटिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद दोनों जुड़वां भाई-बहनों में बीमारी का होना जरूरी नहीं है। इससे पता चलता है कि जेनेटिक संवेदनशीलता के अलावा पर्यावरण और जीवनशैली से जुड़े दूसरे फैक्टर्स भी महत्वपूर्ण हैं। इसी वजह से रूमेटाइड अर्थराइटिस को जेनेटिक और पर्यावरणीय कारकों के जटिल इंटरैक्शन से जुड़ी बीमारी माना जाता है।

Family History होने पर क्या सावधानी रखें?

अगर परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आपको भी बीमारी जरूर होगी। हालांकि, ऐसी स्थिति में बीमारी से जुड़े संभावित जोखिम कारकों को समझना उपयोगी हो सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बातों में स्मोकिंग से बचना शामिल है। वैज्ञानिक प्रमाण स्मोकिंग और RA के बीच मजबूत संबंध दिखाते हैं। खासकर जिन लोगों में आनुवंशिक संवेदनशीलता मौजूद हो सकती है, उनके लिए स्मोकिंग से बचना महत्वपूर्ण माना जाता है।

Location :  New Delhi

Published :  23 September 2026, 4:14 PM IST