
बच्चों के सामने ज्यादा फोन चलाना भी खतरनाक (Img: Pinterest)
New Delhi: आज के समय में ज्यादातर लोग मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन टाइम से घिर चुके हैं। ऑफिस का काम हो या चाहे बच्चों की पढ़ाई ज्यादातर काम ऑनलाइन ही होते हैं, जिसके कारण सभी का स्क्रीन टाइम काफी बढ़ गया है। ऐसे में इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। इसका एक बड़ा कारण बच्चों के माता-पिता भी हो सकते हैं।
माता-पिता दिन भर अपने मोबाइल फोन में इतने मग्न रहते हैं कि वे अपने बच्चों के लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाते। बच्चा भी मोबाइल फोन पर गेम खेलने लगता है, जिससे उनका भी स्किन टाइम काफी बढ़ जाता है। जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। लेकिन एक हालिया अध्ययन ने माता-पिता के लिए एक और महत्वपूर्ण चिंता सामने रखी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, बच्चे का खुद फोन चलाना ही नहीं, बल्कि माता-पिता का बच्चों के सामने लगातार फोन इस्तेमाल करना भी उनके भाषा विकास को प्रभावित कर सकता है।
अध्ययन में पाया गया कि माता-पिता के फोन इस्तेमाल का बच्चों की भाषा क्षमता पर असर बच्चे के खुद स्क्रीन इस्तेमाल से भी अधिक हो सकता है। जब माता-पिता फोन या लैपटॉप में व्यस्त रहते हैं, तो बच्चे के साथ बातचीत के मौके कम हो जाते हैं।
बच्चे स्वभाव से जिज्ञासु होते हैं और लगातार सवाल पूछते हैं। लेकिन जब माता-पिता फोन में व्यस्त रहते हैं तो इन सवालों के जवाब कम या संक्षिप्त हो सकते हैं। इससे बच्चे को रोजमर्रा की बातचीत के जरिए नए शब्द सीखने और उनका इस्तेमाल करने के मौके कम मिलते हैं।
नॉर्वे में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि माता-पिता का ज्यादा फोन इस्तेमाल बच्चों की शब्दावली के विकास की गति को धीमा कर सकता है। बातचीत के दौरान बच्चे नए शब्द सुनते हैं, उनके अर्थ समझते हैं और फिर उन्हें बोलना सीखते हैं।
लेकिन जब घर में माता-पिता का ध्यान बार-बार स्क्रीन की ओर जाता है तो बातचीत के ये छोटे-छोटे अवसर कम हो जाते हैं। इसका असर धीरे-धीरे बच्चे की भाषा सीखने की क्षमता पर पड़ सकता है।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में नॉर्वे में 747 बच्चों पर अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने बच्चों को पांच साल की उम्र से लेकर उनके आठवें जन्मदिन तक फॉलो किया। अध्ययन की शुरुआत में माता-पिता से बच्चों के रोजाना स्क्रीन टाइम, उनके पास स्मार्टफोन या टैबलेट होने और खुद के सोशल मीडिया इस्तेमाल से जुड़े सवाल पूछे गए। इसके अलावा माता-पिता के फोन में दर्ज स्क्रीन टाइम की जानकारी भी ली गई, ताकि उनके वास्तविक फोन इस्तेमाल का आकलन किया जा सके। बच्चों की भाषा क्षमता की भी नियमित अंतराल पर जांच की गई।
नॉर्वे की यूनिवर्सिटी ऑफ ओस्लो के शोधकर्ताओं के मुताबिक, जिन माता-पिता का फोन इस्तेमाल ज्यादा था, उनके बच्चों में शब्दों को समझने और इस्तेमाल करने की क्षमता का विकास धीमा पाया गया। अध्ययन में जिन माता-पिता का फोन इस्तेमाल रोजाना करीब चार घंटे था, उनके बच्चों के भाषा टेस्ट स्कोर उन बच्चों की तुलना में लगभग 2.5 अंक कम पाए गए जिनके माता-पिता करीब एक घंटे फोन इस्तेमाल करते थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मार्टफोन और टैबलेट ध्यान भटकाने वाले उपकरण हैं। माता-पिता के बार-बार फोन देखने से उनका ध्यान बच्चों से हट सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि माता-पिता बच्चों से कम बातचीत करें और बच्चे भाषा सीखने के महत्वपूर्ण अवसर गंवा दें।
रिसर्चर के अनुसार, परिवार में स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल उन महत्वपूर्ण गतिविधियों की जगह ले सकता है, जो बच्चों के भाषा विकास में मदद करती हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों के शुरुआती वर्षों में माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। कहानी सुनाना, सवालों के जवाब देना, किताब पढ़ना और बच्चे के साथ आमने-सामने बातचीत करना भाषा सीखने के अहम तरीके हैं।
बच्चे के शुरुआती वर्षों में मस्तिष्क का विकास तेजी से होता है। इसलिए इस दौरान बच्चे को माता-पिता का ध्यान और बातचीत का पर्याप्त अवसर देना जरूरी है।
इस अध्ययन से माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश निकलता है कि बच्चों के स्क्रीन टाइम पर नजर रखने के साथ-साथ उन्हें अपने स्क्रीन टाइम पर भी नियंत्रण रखना चाहिए। बच्चे को फोन न देने के बावजूद यदि माता-पिता हर समय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, तो इसका असर बच्चे के व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।
इसलिए बच्चों के साथ बातचीत के दौरान फोन को दूर रखना, उनके सवालों का जवाब देना, कहानी पढ़ना और साथ में समय बिताना उनकी भाषा और सामाजिक विकास के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है।
Location : New Delhi
Published : 21 August 2026, 5:51 PM IST
Topics : Child Language Development Child Screen Time Parental Screen Time Parenting Tips Smartphone Addiction