
शाम के बाद की आदतें जो बढ़ाती हैं हार्ट अटैक का खतरा (Img: Google)
New Delhi: हार्ट अटैक और कार्डियोवस्कुलर हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात के समय की कुछ गलत आदतें आपकी दिनभर की हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल पर पानी फेर सकती हैं। शाम 7 बजे के बाद शरीर “रिपेयर और रिकवरी” मोड में जाता है। ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट और मेटाबॉलिक एक्टिविटी स्लो हो जाती है। इस समय शरीर को अगर अतिरिक्त स्ट्रेस या भारी काम दिया जाए तो कॉर्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है।
रात के समय हैवी मील लेना सबसे बड़ी गलती है। ज्यादा खाना खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम को अधिक काम करना पड़ता है, जबकि यह समय स्लो हो जाता है। डाइजेशन के लिए ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे हार्ट को पंप करने में दिक्कत होती है और ब्लड प्रेशर में असंतुलन पैदा होता है।
ऑफिस से आने के बाद एक कप कॉफी आपकी एनर्जी बढ़ा सकती है, लेकिन कैफीन नर्वस सिस्टम को स्टिमुलेट करता है। इससे हार्ट रेट बढ़ती है और स्लीप साइकल डिस्टर्ब होता है। खराब नींद लंबे समय में कार्डियोवस्कुलर रिस्क और हाई ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है।
डिनर के बाद लेट नाइट स्नैक्स, खासकर चिप्स, स्वीट्स और प्रोसेस्ड फूड्स, शुगर स्पाइक और अनहेल्दी फैट्स बढ़ाते हैं। इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल और हार्ट पर दबाव बढ़ता है। यह आदत समय के साथ दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है।
काम से लौटने के बाद लगातार वर्क कॉल्स और स्ट्रेस आपके शरीर के लिए हानिकारक हैं। यह कार्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो लंबे समय में हार्ट हेल्थ पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
शाम को हर दिन एक गिलास शराब पीना भी नुकसानदायक है। यह हार्ट रिदम को डिस्टर्ब करता है, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और नींद की क्वालिटी खराब करता है।
Location : New Delhi
Published : 15 May 2026, 2:03 PM IST