
बादाम और काजू की चमक देखकर न हों खुश (Img- AI)
New Delhi: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों में मिलावट की आशंका के चलते कई लोग ड्राई फ्रूट्स को बेहतर विकल्प मानते हैं। काजू, बादाम, किशमिश, पिस्ता और खजूर जैसे मेवे स्वाद के साथ पोषण भी देते हैं, लेकिन इनकी खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। बाजार में कुछ उत्पादों को आकर्षक दिखाने के लिए तेल, कृत्रिम रंग या मीठी परत का इस्तेमाल किया जा सकता है।
वहीं, गलत तरीके से रखे गए मेवे भी खराब हो सकते हैं। ऐसे में केवल चमक देखकर ड्राई फ्रूट्स की गुणवत्ता का फैसला न करें। उनकी खुशबू, रंग, बनावट, पैकेजिंग और भंडारण की स्थिति पर भी ध्यान दें।
ड्राई फ्रूट्स खरीदते समय सबसे पहले उनकी महक पर ध्यान दें। अच्छी गुणवत्ता वाले मेवों में आमतौर पर हल्की प्राकृतिक और नटी खुशबू होती है। यदि उनमें सीलन, बासी तेल, फफूंद या किसी तरह की असामान्य गंध आए, तो उन्हें खरीदने से बचें। हालांकि, सिर्फ खुशबू से मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। पैकेट में रखे मेवों की एक्सपायरी डेट और पैकिंग की स्थिति भी जरूर जांचें।
यदि दुकानदार नमूना चखने की अनुमति देता है, तो ड्राई फ्रूट्स का स्वाद देखकर भी उनकी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। बादाम या अखरोट में असामान्य कड़वापन और बासी तेल जैसा स्वाद खराब होने का संकेत हो सकता है। किशमिश और खजूर का बहुत ज्यादा सूखा, कठोर या असामान्य रूप से चिपचिपा होना भी भंडारण की समस्या की ओर इशारा कर सकता है। संदिग्ध मेवों को केवल स्वाद जांचने के लिए न खाएं और खराब लगने पर तुरंत सेवन बंद कर दें।
काजू, बादाम और पिस्ता का बहुत ज्यादा चमकदार या अस्वाभाविक रंग वाला होना सतर्क रहने का संकेत हो सकता है। कुछ उत्पादों पर तेल या चीनी की परत लगाई जा सकती है, जबकि कृत्रिम रंग भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। मेवों को सफेद कपड़े पर हल्के से रगड़ने पर यदि बहुत ज्यादा रंग या चिपचिपा पदार्थ निकलता है, तो उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठ सकता है। हालांकि, यह घरेलू तरीका मिलावट का पक्का प्रमाण नहीं है। ऐसे में पैकेट की जानकारी और विश्वसनीय विक्रेता को प्राथमिकता दें।
काजू का रंग सामान्यतः क्रीमी या हल्का सफेद होता है। उस पर असामान्य पाउडर, धूल या सीलन दिखाई दे तो सावधानी बरतें। बादाम की सतह पर प्राकृतिक बनावट होती है और उसका रंग बहुत ज्यादा कृत्रिम चमक वाला नहीं होना चाहिए। पिस्ता खरीदते समय उसके रंग, गंध और पैकिंग की जांच करें। यदि मेवों पर असामान्य रंग दिखाई दे या उनसे रासायनिक जैसी गंध आए, तो उन्हें न खरीदें। गुणवत्ता जांचने के लिए केवल हाथ पर रगड़ने या कागज पर तेल देखने जैसे तरीकों पर निर्भर न रहें।
किशमिश और खजूर खरीदते समय उनकी बनावट, गंध और साफ-सफाई देखें। किशमिश का पानी में फूलना उसकी शुद्धता का पक्का प्रमाण नहीं है। इसी तरह बादाम को कागज पर रखने से तेल निकलना भी असली होने की गारंटी नहीं देता। मेवे खरीदते समय पैकिंग पर निर्माण और समाप्ति की तारीख, सामग्री तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी पढ़ें। खुले मेवे खरीदने पर दुकान की साफ-सफाई और भंडारण की स्थिति भी जांचें।
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त्योहारों में मेवे खरीदते समय भरोसेमंद दुकानदार या विश्वसनीय ब्रांड को प्राथमिकता दें। सील टूटी हुई, नमी वाली या खराब पैकिंग वाले उत्पाद न खरीदें। घर लाने के बाद इन्हें साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बे में रखें। यदि किसी मेवे में फफूंद, असामान्य गंध या खराब स्वाद नजर आए, तो उसे न खाएं। ध्यान रखें कि घरेलू जांच के तरीके केवल शुरुआती संकेत दे सकते हैं; मिलावट की पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच जरूरी हो सकती है।
Location : New Delhi
Published : 25 October 2026, 1:00 PM IST