Calendar History: आखिर किसने किया था कैलेंडर का आविष्कार? जानिए समय गिनने की पूरी कहानी

हर साल कैलेंडर बदलते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कैलेंडर का आविष्कार किसने किया था? सुमेरियन सभ्यता से लेकर ग्रेगोरियन कैलेंडर तक, जानिए समय गिनने की पूरी रोचक कहानी।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 2 January 2026, 11:22 AM IST

New Delhi: नया साल शुरू होते ही हर घर में कैलेंडर बदल जाता है। तारीखें, महीने और हफ्ते वैसे ही सजे होते हैं जैसे हर साल होते आए हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह कैलेंडर आखिर आया कहां से और इसे किसने बनाया। समय को मापने और व्यवस्थित करने की यह व्यवस्था हजारों साल के प्रयोग और सुधार का नतीजा है। आइए जानते हैं कैलेंडर के आविष्कार और विकास की पूरी कहानी।

समय गिनने की जरूरत कैसे पड़ी

समय को ट्रैक करने का विचार तब जन्मा जब शुरुआती इंसानों ने प्रकृति के दोहराए जाने वाले पैटर्न पर ध्यान देना शुरू किया। सूर्योदय और सूर्यास्त, चांद के घटने-बढ़ने के चरण और मौसमों का बदलना इंसानों के लिए संकेत बने। खेती, धार्मिक अनुष्ठान, त्योहार, टैक्स और शासन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए समय को गिनना जरूरी हो गया। इसी जरूरत ने कैलेंडर की नींव रखी।

दुनिया का पहला कैलेंडर किसने बनाया

इतिहासकारों के अनुसार, सबसे पुराने ज्ञात कैलेंडर लगभग 3000 से 2100 ईसा पूर्व के बीच सुमेरियन और बेबीलोनियन सभ्यताओं ने बनाए। ये चंद्र कैलेंडर थे, जो चांद के चरणों पर आधारित थे। उन्होंने साल को 12 महीनों में बांटा। इन सभ्यताओं का बेस-60 नंबर सिस्टम आज भी समय मापने में इस्तेमाल होता है, जैसे 1 घंटे में 60 मिनट और 1 मिनट में 60 सेकंड। इन कैलेंडरों का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेती और धार्मिक कार्यों के लिए होता था।

पहला सौर कैलेंडर कैसे बना

चंद्र कैलेंडर की सीमाओं को समझने के बाद प्राचीन मिस्रवासियों ने सौर कैलेंडर विकसित किया। नील नदी की वार्षिक बाढ़ और सीरियस तारे के उदय के आधार पर उन्होंने यह तय किया कि एक साल 365 दिनों का होता है। उनके कैलेंडर में 30 दिनों के 12 महीने और अंत में 5 अतिरिक्त त्योहारों के दिन जोड़े गए। यह कैलेंडर सूर्य पर आधारित था, इसलिए मौसमों के साथ बेहतर तालमेल रखता था।

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जूलियन कैलेंडर का दौर

45 ईसा पूर्व में रोमन सम्राट Julius Caesar ने ग्रीक खगोलशास्त्री सोसीजेनेस की मदद से जूलियन कैलेंडर पेश किया। इसमें साल की शुरुआत 1 जनवरी से तय की गई और हर चार साल में एक अतिरिक्त दिन जोड़ने की व्यवस्था की गई, जिसे लीप ईयर कहा गया। हालांकि इसमें सौर वर्ष की गणना थोड़ी गलत थी, जिससे समय के साथ मौसम और तारीखों में फर्क बढ़ता गया।

आधुनिक कैलेंडर कैसे आया

16वीं सदी तक जूलियन कैलेंडर मौसमों से करीब 10 दिन आगे निकल चुका था। इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए 1582 में Pope Gregory XIII ने ग्रेगोरियन कैलेंडर लागू किया। इसमें 10 दिन हटाए गए और लीप ईयर का नया नियम जोड़ा गया। इसके अनुसार सदी के साल तभी लीप ईयर होंगे जब वे 400 से पूरी तरह विभाजित हों। आज दुनिया के अधिकांश देश इसी ग्रेगोरियन कैलेंडर का उपयोग करते हैं।

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दिन, महीने और साल कैसे तय हुए

कैलेंडर की पूरी संरचना खगोल विज्ञान पर आधारित है। एक दिन पृथ्वी के अपनी धुरी पर एक चक्कर से बनता है। एक महीना चंद्र चक्र से जुड़ा है, जो लगभग 29.5 दिनों का होता है। एक साल सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की परिक्रमा से बनता है, जो करीब 365.24 दिनों का होता है। महीनों के नाम भी रोमन देवताओं और शासकों से आए हैं, जैसे जनवरी जानूस से और जुलाई जूलियस सीजर से।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 2 January 2026, 11:22 AM IST

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