Exam Center: पसंदीदा परीक्षा केंद्र निर्धारण पर NTA ने गिनाई समस्याएं

NTA ने स्पष्ट किया कि JEE, NEET और CUET में छात्रों को बाहर शहर इसलिए भेजा जाता है क्योंकि सेंटर आवंटन सिर्फ शहर पर नहीं, बल्कि विषय कॉम्बिनेशन, शिफ्ट और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है। 55 लाख छात्रों के कारण व्यवस्था जटिल हो जाती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 May 2026, 10:58 AM IST

New Delhi: JEE Main, NEET UG और CUET UG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के बाद हर साल हजारों छात्रों की एक ही शिकायत सामने आती है कि उन्हें उनकी पसंद का परीक्षा शहर नहीं मिला। इस मुद्दे पर अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने विस्तार से सफाई दी है। उनका कहना है कि परीक्षा केंद्र का आवंटन सिर्फ शहर की पसंद पर आधारित नहीं होता, बल्कि इसमें कई तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े पहलू शामिल होते हैं।

लाखों छात्रों के बीच बड़ा प्रशासनिक चुनौती

इस साल इन तीन बड़ी परीक्षाओं में कुल मिलाकर लगभग 55 लाख रजिस्ट्रेशन हुए। इनमें JEE Main में 16 लाख से अधिक, NEET UG में लगभग 22.7 लाख और CUET UG में करीब 15.68 लाख छात्र शामिल थे। कई छात्र एक से अधिक परीक्षा में भी शामिल हुए। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षा आयोजित करना और सभी के लिए सेंटर तय करना बेहद जटिल प्रक्रिया है।

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शहर के साथ विषय और शिफ्ट भी अहम

NTA प्रमुख के अनुसार, परीक्षा केंद्र आवंटन केवल शहर विकल्प के आधार पर नहीं होता। इसमें तीन मुख्य कारक होते हैं—छात्र द्वारा चुना गया शहर, विषयों का कॉम्बिनेशन और परीक्षा की शिफ्ट। कई बार ऐसा होता है कि किसी शहर में उसी विषय और शिफ्ट के लिए उपलब्ध सुरक्षित सीटें पहले ही भर चुकी होती हैं, जिसके कारण छात्रों को दूसरे शहर में सेंटर देना पड़ता है।

CUET में सबसे ज्यादा जटिलता

CUET UG को इस प्रक्रिया में सबसे चुनौतीपूर्ण बताया गया है। इस परीक्षा में छात्रों को पांच विषय चुनने की सुविधा मिलती है, जिसके कारण इस साल 12,906 अलग-अलग विषय कॉम्बिनेशन बने। इसके अलावा परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित होती है, जिससे हर प्रश्न पत्र को अलग-अलग भाषाओं में तैयार करना पड़ता है। इससे परीक्षा की योजना और संचालन और अधिक जटिल हो जाता है।

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अधिकतर छात्रों को मिल रहा पसंदीदा शहर

NTA के अनुसार, लगभग 79% छात्रों को उनकी पहली पसंद का परीक्षा शहर मिला है, जबकि 96.6% छात्रों को उनकी पसंदीदा सूची में से कोई न कोई शहर मिल गया। केवल 3.4% यानी करीब 53,000 छात्रों को ही पसंद से बाहर शहर मिला। हालांकि यह संख्या छोटी लग सकती है, लेकिन इसमें भी हजारों छात्रों की असुविधा शामिल है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी बड़ी समस्या

अभिषेक सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों में छात्रों की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए पर्याप्त सुरक्षित परीक्षा केंद्र तेजी से विकसित नहीं हो पाए हैं। CUET जैसी नई और तेजी से बढ़ती परीक्षा के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।

NTA का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा, गोपनीयता और निष्पक्षता को बनाए रखते हुए छात्रों की सुविधा को संतुलित करना है। कई सुरक्षा उपाय जरूरी हैं, लेकिन यही कारण कई बार छात्रों के लिए असुविधा भी पैदा करते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  8 May 2026, 10:58 AM IST