इजरायल में सत्ता की चाबी किसके हाथ? नेतन्याहू ने किया बड़ा दावा, जानें क्या बोले ट्रंप?

इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल में बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। शुरुआती अनुमानों में दोनों खेमे बहुमत से दूर हैं। ऐसे में अरब नेतृत्व वाली पार्टियां किंगमेकर बन सकती हैं। जानिए डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट और इजरायल में सरकार गठन की संभावनाओं से जुड़ी पूरी खबर...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 October 2026, 3:57 PM IST
New Delhi: इजरायल की राजनीति में चुनाव के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि उनकी पार्टी लिकुड अगली संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी। हालांकि, शुरुआती एग्जिट पोल ने उनकी सत्ता में वापसी की राह मुश्किल दिखाई है। शुरुआती अनुमानों में नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन और उनके विरोधी खेमे के बीच कड़ा मुकाबला नजर आया है। खास बात यह है कि अरब नेतृत्व वाली पार्टियां सरकार बनाने में किंगमेकर की भूमिका निभा सकती हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट ने भी इजरायल की चुनावी चर्चा को और तेज कर दिया है।

एग्जिट पोल में नेतन्याहू के गठबंधन को झटका

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मौजूदा दक्षिणपंथी गठबंधन को बहुमत से दूर दिखाया गया। इजरायल के तीन प्रमुख न्यूज नेटवर्क चैनल 11, चैनल 12 और चैनल 13 के शुरुआती अनुमानों में नेतन्याहू समर्थक खेमे को 50 सीटें मिलने का अनुमान था। वहीं, यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी दलों को 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई। इजरायल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं। सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सांसदों का समर्थन चाहिए। ऐसे में शुरुआती एग्जिट पोल के आंकड़े संकेत दे रहे थे कि न तो नेतन्याहू का खेमा बहुमत के आंकड़े तक पहुंच पा रहा है और न ही विपक्ष अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में है।

रात में बदले आंकड़े, मुकाबला हुआ और दिलचस्प

मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एग्जिट पोल के आंकड़ों में बदलाव देखने को मिला। चैनल 12 के संशोधित अनुमान के मुताबिक, नेतन्याहू के गठबंधन को 52 सीटें मिलने की संभावना जताई गई, जबकि यहूदी नेतृत्व वाले विपक्षी खेमे के खाते में 49 सीटें जाती दिखाई गई। इन आंकड़ों ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। हालांकि, एग्जिट पोल के अनुमान अंतिम चुनाव परिणाम नहीं होते। वास्तविक तस्वीर मतगणना और आधिकारिक नतीजों के बाद ही साफ होती है।

ट्रंप के पोस्ट से नेतन्याहू को समर्थन की चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इर्विंग सी. श्वार्ट्ज के एक दावे को पोस्ट किया। इस पोस्ट में दावा किया गया कि ट्रंप के समर्थन से नेतन्याहू की चुनावी स्थिति में बदलाव आया है। पोस्ट के मुताबिक, पहले नेतन्याहू की हार की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन समर्थन के बाद मुकाबला बराबरी के करीब पहुंच गया। हालांकि, इस दावे से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि ट्रंप के समर्थन ने वास्तव में चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। इसके लिए स्वतंत्र प्रमाण और मतदाताओं के रुझान से जुड़े आंकड़ों की जरूरत होगी।

अरब पार्टियों के हाथ में सरकार की चाबी?

चुनावी अनुमानों में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। जब दोनों प्रमुख खेमे बहुमत से दूर हों, तब छोटी पार्टियों का समर्थन सरकार गठन में निर्णायक बन सकता है। ऐसे में अरब नेतृत्व वाली पार्टियों का रुख इजरायल की अगली सरकार का रास्ता तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।

अब आधिकारिक नतीजों पर टिकी नजर

नेतन्याहू ने अपनी लिकुड पार्टी के सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने का दावा किया है, लेकिन सबसे बड़ी पार्टी बनना और बहुमत हासिल करना दो अलग-अलग बातें हैं। यदि कोई गठबंधन 61 सीटों तक नहीं पहुंचता, तो उसे सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों का समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में इजरायल की अगली सरकार का फैसला केवल सीटों की संख्या से नहीं, बल्कि गठबंधन की संभावनाओं से भी तय होगा।

Location :  New Delhi

Published :  28 October 2026, 3:57 PM IST