अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, केशम द्वीप को बनाया निशाना; तेहरान ने भी किया पलटवार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित केशम द्वीप पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ने लगा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 November 2026, 10:37 AM IST

New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित केशम द्वीप पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की मांग की थी।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ने लगा है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका भी जताई जा रही है। इसी बीच केशम द्वीप पर हुए हमलों ने हालात को और गंभीर बना दिया है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि बड़े सैन्य संघर्ष से बचने के लिए इस कार्रवाई को गुप्त और सीमित रखा गया था। हालांकि, हमलों के दौरान द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। वहीं, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'IRNA' ने भी केशम द्वीप पर कई धमाके होने की जानकारी दी है।

बड़े युद्ध से बचने के लिए कार्रवाई रखी गई सीमित

'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की खबर के अनुसार, अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों में कई छोटी सैन्य कार्रवाइयां की हैं। केशम द्वीप पर हुआ हमला भी इसी का हिस्सा बताया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई को बहुत सावधानी से अंजाम दिया गया और इसकी जानकारी भी गुप्त रखी गई। इसके पीछे मकसद यह था कि दुनिया को ऐसा न लगे कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर फिर से युद्ध शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित केशम द्वीप पर हवाई हमले किए हैं

अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान पर सैन्य कार्रवाई, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई थी बातचीत 

अमेरिका में आज मध्यावधि चुनाव होने हैं। इससे पहले ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की थी कि वे चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ नए सैन्य अभियान पर विचार करें। हालांकि, अमेरिका ने चुनाव से ठीक पहले ही यह कार्रवाई कर दी।
'एक्सियोस' की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के साथ-साथ दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की थी।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद कूटनीतिक बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिशें भी चल रही हैं। इस बीच ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वे मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर इससे इनकार कर दिया। इस बीच ईरानी सेना ने अमेरिकी सेना के 2 जासूसी ड्रोन मार गिराए हैं। ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का उपयोग करके इजराइल और खाड़ी देशों (जैसे यूएई, कुवैत आदि) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

Location :  New Delhi

Published :  3 November 2026, 10:37 AM IST