PoK हिंसा: UN ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, कहा- इंटरनेट और मानवाधिकारों पर उठाए सवाल, इन अफसरों पर आई आफत

PoK में बढ़ती हिंसा और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान से जवाबदेही तय करने की मांग की है। UN महासचिव के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने भी निष्पक्ष जांच और बातचीत की अपील की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 August 2026, 3:16 PM IST

New Delhi: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बिगड़ते हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने पाकिस्तान को कड़ी नसीहत दी है। संयुक्त राष्ट्र ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई और उससे हुई मौतों पर चिंता जताते हुए कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचा है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को यह बयान दिया।

UN ने मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क के रुख का किया समर्थन

फरहान हक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, UN मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के काम का पूरी तरह समर्थन करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान प्रशासन मानवाधिकार उच्चायुक्त की अपीलों को गंभीरता से लेगा। दरअसल, फरहान हक से PoK में हालिया हिंसा और सुरक्षा हालात को लेकर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि हर जगह अधिकारियों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों को किसी तरह का नुकसान पहुंचा है तो इसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।

प्रदर्शनकारियों की मौत और गिरफ्तारियों पर UN की चिंता

पिछले महीने UN मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने PoK में हुई हिंसक घटनाओं पर चिंता जताई थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मौत, ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (JAAC) पर प्रतिबंध और उसके नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की थी। UN की ओर से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। इसमें इंटरनेट सेवाओं पर रोक और लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध जैसे मुद्दे शामिल थे।

चुनाव से पहले बढ़ी थी PoK में अशांति

UN के अनुसार, PoK में क्षेत्रीय चुनावों से पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि 27 जुलाई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जून महीने से अब तक कई लोगों की मौत हुई है। इनमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल थे, जबकि कानून-व्यवस्था संभालने वाले सुरक्षाकर्मियों की भी जान गई। UN मानवाधिकार प्रमुख ने इस दौरान हुई सभी मौतों की तत्काल, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

JAAC पर प्रतिबंध को लेकर भी उठे सवाल

‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ यानी JAAC PoK में विरोध प्रदर्शनों के पीछे सक्रिय एक बड़ा समूह है। इसमें व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, छात्र, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। पाकिस्तान सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए आतंकवाद रोधी कानूनों के तहत JAAC पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद संगठन से जुड़े कई नेताओं की गिरफ्तारी भी हुई थी।

UN ने इंटरनेट बहाली और बातचीत की अपील की

संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान प्रशासन से PoK में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की अपील की है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए समावेशी राजनीतिक बातचीत शुरू करने की जरूरत बताई गई है। UN ने कहा कि लोगों की मांगों को दबाने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालना जरूरी है। जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रह सके।

Location :  New Delhi

Published :  8 August 2026, 3:16 PM IST