
जेलेंस्की का अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव (Source: Pinterest)
New Delhi: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के सामने अस्थायी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। यह पहल ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रूस और यूक्रेन का दौरा करने वाले हैं। दोनों देशों के बीच संभावित शांति समझौते की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए इन यात्राओं को अहम माना जा रहा है।
जेलेंस्की के मुताबिक, ट्रंप की टीम से मिली जानकारी के आधार पर स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शनिवार, 5 सितंबर को मॉस्को पहुंचेंगे, जहां उनकी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात प्रस्तावित है। इसके बाद दोनों अमेरिकी प्रतिनिधि रविवार, 6 सितंबर को कीव जाएंगे और जेलेंस्की के साथ बातचीत करेंगे। चर्चा का प्रमुख मुद्दा रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौता बताया जा रहा है।
जेलेंस्की ने टेलीग्राम पोस्ट के जरिए बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के कीव दौरे की तैयारियों को लेकर यूक्रेनी राजनयिकों ने बैठक की। इस दौरान यह तय किया गया कि दूतों की सुरक्षित यात्रा के लिए हवाई क्षेत्र का सामान्य संचालन बनाए रखने की कोशिश की जाएगी। जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान यूक्रेन की तरफ से कोई हवाई हमला नहीं किया जाएगा।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस से भी हमले रोकने की अपील की है। उनका कहना है कि बातचीत और अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा से जुड़ी लॉजिस्टिक व्यवस्था पूरी होने तक रूस को भी हवाई हमलों से बचना चाहिए। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए वास्तविक विकल्प तलाश रहा है और अब वह देखना चाहता है कि ट्रंप की टीम किस तरह का प्रस्ताव लेकर आती है तथा मॉस्को की ओर से उस पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।
जेलेंस्की का यह प्रस्ताव ऐसे वक्त सामने आया है जब यूक्रेन में रूसी हमले जारी हैं। यूक्रेन की ओर से दावा किया गया है कि हाल के दिनों में कीव के साथ-साथ ओडेसा और ड्नीप्रो जैसे शहरों पर हवाई और ड्रोन हमलों की तीव्रता बढ़ी है। इसी दौरान यूक्रेन की खुफिया सेवा के मुख्यालय को भी दिन के समय निशाना बनाए जाने की बात सामने आई।
इसी बीच यूक्रेन की ओर से रूस के काला सागर स्थित नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह पर बड़े ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया गया है। यह बंदरगाह रूस के महत्वपूर्ण नौसैनिक ठिकानों में शामिल है और अनाज निर्यात के लिए भी बेहद अहम माना जाता है। यूक्रेन के अनुसार, हमले में बंदरगाह के प्रमुख अनाज निर्यात टर्मिनलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वहां का कामकाज प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने इस अभियान में हवाई ड्रोन, समुद्री ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया। दावा है कि करीब नौ घंटे तक चले इस हमले में 500 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं। हमले में यूनाइटेड ग्रेन कंपनी (NKHP) और डेमेट्रा से जुड़े प्रमुख अनाज टर्मिनलों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
नोवोरोस्सियस्क के मेयर आंद्रेई क्रावचेंको के हवाले से बताया गया है कि हमले के बाद शहर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई और आपात स्थिति घोषित करनी पड़ी। इस हमले में तीन लोगों की मौत और कई आवासीय तथा शैक्षणिक इमारतों के क्षतिग्रस्त होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, हमले से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
यूक्रेन की ओर से यह भी दावा किया गया है कि नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह में मौजूद कई रूसी युद्धपोतों को हमले के दौरान गंभीर नुकसान पहुंचा है। यदि बंदरगाह और अनाज टर्मिनलों को हुआ नुकसान लंबे समय तक बना रहता है, तो इससे रूस के समुद्री व्यापार और अनाज निर्यात पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
नोवोरोस्सियस्क रूस के प्रमुख अनाज निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में वहां के निर्यात ढांचे में लंबे समय तक रुकावट आने पर अंतरराष्ट्रीय गेहूं बाजार पर भी असर पड़ सकता है। वैश्विक खाद्य आपूर्ति और गेहूं की कीमतों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक असर नुकसान की अवधि और रूस के निर्यात संचालन को सामान्य करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
एक तरफ जेलेंस्की ने अमेरिकी दूतों की यात्रा के दौरान अस्थायी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है, तो दूसरी ओर नोवोरोस्सियस्क पर बड़े हमले की खबर सामने आई है। ऐसे में रूस की प्रतिक्रिया बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल क्रेमलिन की ओर से यूक्रेन के इस अस्थायी युद्धविराम प्रस्ताव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें अमेरिकी दूतों की मॉस्को और कीव यात्रा तथा दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं।
Location : New Delhi
Published : 5 September 2026, 10:06 AM IST
Topics : Donald Trump Envoys Russia Ukraine War Ukraine Russia Ceasefire Vladimir Putin Volodymyr Zelensky