US-Israel war on Iran: क्या लेबनान में भी ‘गाजा मॉडल’ दोहराने की तैयारी में हैं नेतन्याहू? सेना को दिए नए आदेश

दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना के बढ़ते कदम और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नए आदेश क्या बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर इशारा कर रहे हैं? लितानी नदी की ओर बढ़ती सेना और हमले में तीन पत्रकारों की मौत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए 12 लाख लोगों के विस्थापन और इस भीषण सैन्य विस्तार की पूरी सच्चाई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 30 March 2026, 9:35 AM IST

Tehran: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सेना को दक्षिणी लेबनान में जमीनी आक्रमण का दायरा और अधिक बढ़ाने का आधिकारिक निर्देश दे दिया है। उत्तरी कमान से जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वे मौजूदा सुरक्षा बफर जोन का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि उत्तरी इजरायल की सुरक्षा स्थिति को मौलिक रूप से बदला जा सके।

इजरायली प्रधानमंत्री के इस कदम को "गाजा मॉडल" के अनुसार लेबनानी क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

लितानी नदी की ओर रणनीतिक बढ़त और भीषण संघर्ष

इजरायली रक्षा बलों ने दक्षिणी लेबनान के कई मोर्चों पर एक साथ आगे बढ़ते हुए लितानी नदी की ओर कूच किया है। युद्ध के मैदान से मिल रही रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सैनिक कंतारा शहर के दक्षिण में लितानी नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी तक पहुंच चुके हैं।

सामरिक दृष्टि से यह एक बहुत बड़ा बदलाव माना जा रहा है क्योंकि अब इजरायली सेना मुख्य नदी से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी है। इस बढ़त के बाद हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच गोलाबारी और तेज हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भीषण युद्ध की स्थिति बनी हुई है।

तेल संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला: फिर शुरू होगी केरोसिन सप्लाई, जानें कहां पर मिलेगा?

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन

युद्ध की कवरेज कर रहे पत्रकारों के लिए रविवार का दिन बेहद दुखद रहा, जब जेजिन शहर में एक इजरायली हवाई हमले में तीन मीडियाकर्मियों की मौत हो गई। हालांकि, फ्रांस के विदेश मंत्री सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

बढ़ता मानवीय संकट और विफल होते शांति समझौते

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च 2026 से शुरू हुए इस ताजा संघर्ष में अब तक 1,238 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें 124 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि इस सैन्य कार्रवाई के कारण 12 लाख से अधिक लोग बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं।

तेल संकट में घिरा पाकिस्तान! दुकानें-हाईवे बंद, शादियों पर भी रोक… सरकार ने लगाया ‘स्मार्ट लॉकडाउन’

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना (UNIFIL) का एक सैनिक भी विस्फोट की चपेट में आकर शहीद हो गया है। यह पूरा घटनाक्रम नवंबर 2024 और अक्टूबर 2025 के युद्धविराम समझौतों के बार-बार उल्लंघन का परिणाम है, जिससे अब पूरे मध्य पूर्व में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।

Location : 
  • Tehran

Published : 
  • 30 March 2026, 9:35 AM IST