
सिलेंडर महंगा होने की आशंका (Img: Google)
New Delhi: ईरान में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने लगा है और इसका प्रभाव अब भारत में घरेलू LPG उपभोक्ताओं तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत 14.2 किलोग्राम के घरेलू गैस सिलेंडर में केवल 10 किलोग्राम गैस भरकर सप्लाई की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य सीमित उपलब्ध गैस को अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
सूत्रों के अनुसार मौजूदा हालात में LPG की आपूर्ति लगातार दबाव में है। खाड़ी क्षेत्र से आने वाली गैस की खेप में कमी आई है, जिससे देश में भंडार तेजी से घट रहा है। हाल ही में बहुत कम मात्रा में एलपीजी भारत पहुंची है, जो देश की एक दिन की जरूरत के बराबर ही मानी जा रही है। ऐसे में कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि किसी भी उपभोक्ता को पूरी तरह से गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो सिलेंडरों पर नए स्टिकर लगाए जाएंगे, जिनमें गैस की वास्तविक मात्रा का स्पष्ट उल्लेख होगा। इसके साथ ही, उपभोक्ताओं को कीमत में भी अनुपातिक राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, इस बदलाव को लागू करने के लिए बॉटलिंग प्लांट्स में तकनीकी संशोधन और नियामकीय मंजूरी आवश्यक होगी।
भारत में LPG की खपत प्रतिदिन लगभग 93,500 टन है, जिसमें से 86% हिस्सा घरेलू उपयोग में आता है। लेकिन मार्च के शुरुआती दिनों में कुल खपत में 17% की गिरावट दर्ज की गई है, जो इस संकट के शुरुआती प्रभाव को दर्शाता है। पहले कमर्शियल सेक्टर की सप्लाई सीमित की गई थी, जिसे अब आंशिक रूप से बहाल किया गया है, जिससे दबाव और बढ़ गया है।
भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, और इसमें से अधिकांश सप्लाई खाड़ी देशों से आती है। मौजूदा युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई टैंकर अभी भी वहीं फंसे हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने गैस संरक्षण पर जोर दिया है। हालांकि, फिलहाल उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई जारी रखने का दावा किया गया है। लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे, तो यह नया प्लान जल्द लागू किया जा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 23 March 2026, 9:10 AM IST