जब फ्लाईदुबई प्लेन को मार गिराने का बनने लगा प्लान, जानिए कैसे एक मोड़ ने टाला बड़ा हादसा

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट के हमले के बाद इमरजेंसी कोड जारी हुआ। इजरायल ने एयरस्पेस बंद कर लड़ाकू विमान तैनात किए और प्लेन को गिराने का प्लान बनाया, लेकिन भारतीय कैप्टन की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 October 2026, 10:17 AM IST

New Delhi: दुबई से इजरायल के तेल अवीव शहर जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 अचानक एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का केंद्र बन गई। 30 सितंबर को कॉकपिट के भीतर ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला बोल दिया।

इस हिंसक हमले के बाद जब फ्लाइट से 'इमरजेंसी कोड 7500' (हाईजैकिंग अलर्ट) भेजा गया और प्लेन तेजी से नीचे की ओर गिरने लगा, तो इजरायल में हड़कंप मच गया। इजरायली खुफिया एजेंसियों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, को-पायलट का इरादा विमान को किसी बहुमंजिला इमारत या हवाई अड्डे से टकराकर 9/11 जैसा भीषण आतंकवादी हमला करने का था।

इजरायल ने बंद किया एयरस्पेस

इमरजेंसी सिग्नल मिलते ही इजरायली वायुसेना ने तत्काल प्रभाव से अपना पूरा एयरस्पेस बंद कर दिया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन कमांड सेंटर स्थापित किया। कॉकपिट से संपर्क टूटने पर इजरायल ने तुरंत अपने घातक फाइटर जेट्स को आसमान में रवाना कर दिया।

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सूत्रों के अनुसार, अगर प्लेन इजरायली सीमा की तरफ बढ़ता रहता तो बेन गुरियन एयरपोर्ट या किसी घनी आबादी वाले इलाके को बचाने के लिए विमान को हवा में ही मार गिराने (Shoot Down) का फैसला लिया जाना तय था। अंतिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को अलर्ट मोड पर रखा गया था।

सऊदी अरब ने भी भेजे लड़ाकू विमान

इजरायली वायुसेना की योजना थी कि अगर विमान जॉर्डन के एयरस्पेस के करीब आता, तो लड़ाकू विमान कॉकपिट के पास जाकर अंदर का जायजा लेते। इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब ने भी अपने फाइटर जेट्स को तुरंत रवाना कर दिया था।

हालांकि, जैसे ही इजरायली वायुसेना को पता चला कि इमरजेंसी लैंडिंग के लिए प्लेन का रुख अचानक सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया है, तब जाकर इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को वापस बेस पर लौटने का आदेश दिया।

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लहूलुहान भारतीय कैप्टन का साहस

इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और बहादुरी सबसे बड़ी नायक बनकर उभरी। गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।

दरवाजा खुलते ही सतर्क यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने तुरंत अंदर घुसकर उग्र को-पायलट को दबोच लिया और उस पर काबू पाया। इसके बाद प्लेन की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जिससे सैकड़ों निर्दोष यात्रियों की जान बच सकी।

Location :  New Delhi

Published :  6 October 2026, 10:17 AM IST