अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट और बुशहर एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। एक यात्री विमान नष्ट हुआ है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अभियान जारी रहेगा।

विमान तबाह
New Delhi Desk: मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इज़राइली वायु सेना ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। राजधानी तेहरान से लेकर दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर तक धमाकों की आवाजें सुनी गई। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में एयरपोर्ट और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया। जिससे हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।
मेहराबाद और बुशहर एयरपोर्ट पर हमला
सूत्रों के अनुसार, तेहरान के व्यस्त Mehrabad International Airport पर कई मिसाइलें दागी गई। यह हवाई अड्डा मुख्य रूप से घरेलू उड़ानों का केंद्र है। हमले के बाद आसमान में धुएं का गुबार देखा गया और एयर ट्रैफिक प्रभावित हुआ। दक्षिणी ईरान में स्थित Bushehr Airport पर भी बड़ा हमला हुआ। यहां जमीन पर खड़े एक ‘Iran Air’ के यात्री विमान को सीधा निशाना बनाया गया, जो पूरी तरह तबाह हो गया। इस हमले से ईरान की नागरिक उड्डयन सेवाओं को बड़ा झटका लगा है।
हकीमिए इलाके में भी बमबारी
पूर्वी तेहरान के हकीमिए इलाके में भी धमाकों की खबर है। बताया जा रहा है कि इज़राइल ने पहले ही इस क्षेत्र के लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। इसके अलावा इज़राइली सेना ने दावा किया है कि तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमारतों पर भी सटीक बमबारी की गई।
नेतन्याहू का कड़ा बयान
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इन हमलों को “सटीक और शक्तिशाली” कार्रवाई बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम इज़राइल की सुरक्षा के लिए जरूरी है। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि इज़राइली पायलट ईरान और लेबनान के आसमान में सक्रिय हैं और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह अमेरिका और इज़राइल का संयुक्त ऑपरेशन है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर अमेरिका की ओर से विस्तृत बयान का इंतजार है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
इन हमलों के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। तेल बाजार और वैश्विक विमानन क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।