
ईरान को मिला नया सुप्रीम लीडर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच युद्ध लगातार तेज हो रहा है। इस बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार उन्हें देश का नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। युवा खामेनेई को लंबे समय से इस पद के दावेदार के रूप में देखा जा रहा था, यहां तक कि युद्ध की शुरुआत में इजराइली हमले में उनके पिता की मौत से पहले भी, हालांकि वे कभी भी निर्वाचित या सरकारी पद पर नियुक्त नहीं हुए थे।
सोमवार को ईरान की Assembly of Experts ने मतदान के बाद मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुनने का ऐलान किया। यह परिषद 88 इस्लामी धर्मगुरुओं का एक समूह है, जिसका काम ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करना होता है।
ईरान का शक्तिशाली अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड सर्वोच्च नेता के प्रति जवाबदेह है, और अब मोजतबा खामेनेई युद्ध रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाएंगे. यह घोषणा युद्ध के नौवें दिन हुई और ईरानी अधिकारियों के बीच मतभेद के संकेतों के बाद आई. क्योंकि देश 88 सीटों वाली विशेषज्ञों की सभा के फैसले का इंतजार कर रहा था, जो ईरान के सर्वोच्च नेता का चयन करने वाला धर्मगुरुओं का एक समूह है।
8 सितंबर 1969 को ईरान के उत्तर पूर्वी शहर मशहद में जन्मे मोजतबा, ख़ामेनेई के छह बच्चों में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने तेहरान के धार्मिक 'अलावी स्कूल' से माध्यमिक शिक्षा ली है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, 17 साल की उम्र में मोजतबा ने ईरान-इराक़ युद्ध के दौरान कुछ छोटे-छोटे अंतरालों में सेना में सेवा दी। इस युद्ध में पश्चिमी देशों ने खुलकर इराक़ का समर्थन किया था। इससे ईरान का अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रति अविश्वास और गहराया था।
1999 में, मोजतबा अपनी धार्मिक पढ़ाई जारी रखने के लिए क़ुम गए। यह एक पवित्र शहर है और शिया धर्मशास्त्र के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
इस समय तक उन्होंने कभी धार्मिक वस्त्र नहीं पहने थे, और यह भी साफ़ नहीं है कि वह 30 साल की उम्र में पढ़ने के लिए मदरसे क्यों गए, क्योंकि आमतौर पर यह पढ़ाई कम उम्र में शुरू की जाती है। मोजतबा अब भी एक मध्य स्तर के धर्मगुरु हैं, जो उनके सर्वोच्च नेता बनने की राह में एक बाधा बन सकता है।
मोजतबा का नाम पहली बार 2005 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान सार्वजनिक रूप से चर्चा में आया, जिसमें कट्टरपंथी नेता महमूद अहमदीनेजाद की जीत हुई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को बताया कि युद्ध खत्म होने के बाद सत्ता में कौन आएगा, इस पर उनकी राय होनी चाहिए। ट्रंप ने आगे कहा कि उनकी मंजूरी के बिना कोई भी नया नेता ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। युद्ध के शुरुआती हवाई हमलों में अमेरिका और इजराइल ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार गिराया।
गौरतलब है कि मोजतबा खामेनेई के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर से अच्छे संबंध हैं। बीती 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी। जिसके बाद तेहरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम एशिया के कई देशों पर हमले किए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव में अब तक 1300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान, बेरूत और तेहरान में हवाई हमले किए। तेहरान में हुए हमलों में तेल भंडारण सुविधा को निशाना बनाया गया। इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि युद्ध के अगले चरण में कई बड़े और चौंकाने वाले कदम उठाए जाएंगे।
Location : New Delhi
Published : 9 March 2026, 4:38 AM IST