
प्रतीकात्मक छवि
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ने वैश्विक अंडरसी केबल नेटवर्क को सुरक्षित, मजबूत और ज्यादा भरोसेमंद बनाने के लिए साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया है। डिजिटल कनेक्टिविटी के बढ़ते महत्व के बीच यह कदम भारत की वैश्विक डिजिटल हब के रूप में उभरती भूमिका को भी मजबूत करता है।
भारत में अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दोनों देशों के बीच हुई इस पहल की जानकारी दी। दूतावास ने बताया कि सितंबर में सरकार और इंडस्ट्री के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर ‘अंडरसी केबल्स वर्कशॉप’ आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य दुनिया के लिए अहम सबसी कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को बेहतर बनाना था।
अमेरिकी दूतावास के अनुसार, समुद्र के नीचे बिछे ये केबल्स दुनिया की डिजिटल कनेक्टिविटी की रीढ़ हैं। इन्हीं के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं, क्लाउड सेवाएं, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं।
अमेरिका और भारत अब इन नेटवर्क की सुरक्षा, मजबूती और विविधता बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। दोनों देशों का मानना है कि इन केबल्स की सुरक्षा केवल इंटरनेट कनेक्शन का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार, डेटा ट्रांसफर और डिजिटल अर्थव्यवस्था की निरंतरता पर पड़ता है।
यह साझेदारी US-India TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technologies) पहल के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। इसके तहत दोनों देश महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों में सहयोग को मजबूत कर रहे हैं।
अमेरिकी दूतावास ने कहा कि सबसी केबल नेटवर्क डिजिटल कॉमर्स, क्लाउड प्लेटफॉर्म और तेजी से बढ़ रही AI अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं। ऐसे में इनकी सुरक्षा और विश्वसनीयता वैश्विक डिजिटल व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।
अमेरिकी दूतावास ने भारत की रणनीतिक स्थिति और बढ़ती डिजिटल क्षमता को भी रेखांकित किया। भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था, क्लाउड और AI की बढ़ती मांग तथा दुनिया के बड़े बाजारों को जोड़ने की क्षमता उसे भविष्य के बड़े सबसी केबल हब के रूप में स्थापित कर सकती है।
भारत पहले से ही डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में अंडरसी केबल नेटवर्क में सहयोग दोनों देशों के रणनीतिक और तकनीकी संबंधों को नई दिशा दे सकता है।
इससे पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा था कि TRUST पहल के जरिए दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा था कि अमेरिका उन देशों के साथ साझेदारी को प्राथमिकता देता है जिन्हें वह उभरती तकनीकों में भरोसेमंद सहयोगी मानता है और भारत उनमें से एक है।
TRUST पहल के तहत अमेरिका और भारत निजी क्षेत्र के साथ मिलकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। दोनों देश साल के अंत तक एक संयुक्त रोडमैप तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
इसमें भारत में अमेरिकी मूल के AI इंफ्रास्ट्रक्चर को वित्तपोषित करने, विकसित करने, बिजली उपलब्ध कराने और नेटवर्क से जोड़ने जैसी चुनौतियों की पहचान की जाएगी।
भारत-अमेरिका की यह नई साझेदारी डिजिटल सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और वैश्विक कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों देशों के बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।
Location : New Delhi
Published : 12 September 2026, 11:07 AM IST
Topics : Digital Connectivity India India US Partnership Undersea Cable Network Undersea Communication Infrastructure US India TRUST Initiative