दिल्ली के भारत मंडपम में India AI Impact Summit 2026 की शुरुआत। पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन। 60+ देशों के प्रतिनिधि, 100 से अधिक टेक कंपनियां और 600 स्टार्टअप्स शामिल। एआई गवर्नेंस, निवेश और ग्लोबल साउथ पर फोकस।

Global India Summit का उद्घाटन
New Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर दुनिया का सबसे बड़ा वैश्विक मंथन शुरू हो गया है। पांच दिवसीय India AI Impact Summit 2026 का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi करेंगे। यह सम्मेलन Bharat Mandapam में आयोजित किया जा रहा है, जहां 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 60 से अधिक देशों के मंत्री और प्रतिनिधि, 100 से ज्यादा वैश्विक टेक कंपनियों के प्रमुख और 600 से अधिक स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। यह समिट डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने और एआई गवर्नेंस, निवेश और साझेदारी पर ठोस निर्णय लेने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री सुबह 9:40 बजे सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और करीब 10:30 बजे अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ मुख्य भाषण देंगे। इसके बाद वे AI Impact Expo का दौरा करेंगे, जहां अलग-अलग देशों के पवेलियन में नई तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
दोपहर में एक उच्चस्तरीय सत्र होगा, जिसमें एआई से जुड़ी राष्ट्रीय और वैश्विक प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी। इस मंच पर Sundar Pichai, Sam Altman और Bill Gates जैसे वैश्विक टेक लीडर्स की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रहेगी। निवेश, रणनीतिक साझेदारी और जिम्मेदार एआई विकास को लेकर बड़े ऐलान संभव हैं।
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इस साल समिट की थीम “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” रखी गई है, जिसका उद्देश्य एआई को मानवता के व्यापक हित में उपयोग करना है। प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज की संरचना को तेजी से बदल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के जोखिमों को संतुलित करने, साझा मूल्यों की रक्षा करने और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए वैश्विक सहयोग अनिवार्य है।
भारत इस मंच के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि एआई तक समान पहुंच सुनिश्चित की जाए, खासकर ग्लोबल साउथ के देशों में जहां कंप्यूटिंग संसाधन, डेटा, टैलेंट और फाइनेंस की कमी है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और इनोवेशन को मानव कल्याण से जोड़ना भी समिट की प्राथमिकताओं में शामिल है। 600 से अधिक स्टार्टअप्स को अपने उत्पाद और समाधान प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जिससे भारत की टेक क्षमता को वैश्विक पहचान मिल रही है।
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पिछले वर्ष भारत ने अगली एआई समिट की मेजबानी की घोषणा की थी, जो अब हकीकत बन चुकी है। इस वैश्विक सम्मेलन से निकलने वाले समाधान और नीतिगत दिशा-निर्देश डिजिटल दुनिया के भविष्य को आकार दे सकते हैं।