मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की आंच अब और भी खतरनाक होती जा रही है। अमेरिका और इजराइल के हमले, ईरान की जवाबी कार्रवाई और कुवैत में F-15 क्रैश जैसी घटनाओं ने तनाव और बढ़ा दिया है। पूरी स्थिति अभी अस्थिर है और दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं।

F-15 लड़ाकू विमान कुवैत में गिरा
New Delhi: मिडिल ईस्ट में युद्ध का तीसरा दिन है और हालात पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हैं। अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार बमबारी कर रहे हैं, तो वहीं ईरान भी अपने जवाबी हमलों में किसी से पीछे नहीं है। इसी बीच कुवैत से एक चौंकाने वाली खबर आई है। वहां एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई है।
वीडियो में विमान को हवा में आग में लिपटे हुए दिखाया गया है। विमान हवा में कई मिनट गोल-गोल घूमता रहा और अंत जमीन पर गिर गया। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक पायलट सुरक्षित है। ईरान से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल्स दावा कर रहे हैं कि विमान को मार गिराया गया। अभी तक न तो अमेरिकी सेना ने और न ही कुवैती अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की है। घटना की जांच जारी है।
वहीं अमेरिका ने ईरान में अपने हमलों को तेज कर रखा है। पिछले दो दिनों में अमेरिका और इजराइल ने ईरान में 2 हजार से ज्यादा टारगेट्स पर हमला किया। इन हमलों में मिसाइल स्टोर, एयर डिफेंस सिस्टम, नेवी बेस और अहम सैन्य ढांचे शामिल हैं। अमेरिका लगातार वीडियो भी जारी कर रहा है जिसमें ईरान के ठिकानों को बम और मिसाइलों से ध्वस्त होते दिखाया गया है।
ईरान ने इजराइल के यरुशलम, तेल अवीव और किरयात ओनो में हमले किए। वहीं, इजराइल ने तेहरान में स्टेट टीवी दफ्तर और अन्य मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने बहरीन और इराक में अमेरिकी बेस पर भी हमले किए, जिससे नुकसान की खबरें आ रही हैं। इस युद्ध का असर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस संघर्ष के रोकने की कोई निश्चित समयरेखा नहीं है। दोनों तरफ से हमले लगातार जारी हैं और किसी भी समय स्थितियों में तेजी से बदलाव हो सकता है। दुनिया की नजरें फिलहाल मिडिल ईस्ट पर टिकी हुई हैं और हर कोई आशंकित है कि यह संघर्ष आगे और भयंकर रूप ले सकता है।