चीन रवाना होने से पहले ट्रंप का ईरान से यूक्रेन तक बड़ी डील का संकेत

डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा ने दुनिया भर में नई हलचल पैदा कर दी है। रवाना होने से पहले उन्होंने ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे ईरान, रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-चीन रिश्तों को लेकर बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरे में कई दिग्गज कारोबारी भी शामिल हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 May 2026, 11:38 AM IST

Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गए हैं। चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ऐसे बयान दिए, जिनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिका को चीन की मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ इस विषय पर लंबी बातचीत जरूर होगी।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब खत्म होने के करीब है और जल्द ही दोनों देशों के बीच समझौता संभव हो सकता है। ऐसे समय में जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव झेल रही है, ट्रंप की यह हाई-प्रोफाइल चीन यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है।

2017 के बाद पहली चीन यात्रा

डोनाल्ड ट्रंप की यह चीन यात्रा 13 से 15 मई के बीच प्रस्तावित है। साल 2017 के बाद यह उनका पहला आधिकारिक चीन दौरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा का असर सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा नीतियों पर भी पड़ सकता है।

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व्हाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ईरान के हालात को अपने दम पर संभालने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका शांतिपूर्ण या किसी अन्य तरीके से इस स्थिति को नियंत्रित कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि शी जिनपिंग के साथ इस विषय पर गंभीर बातचीत होगी।

यूक्रेन-रूस युद्ध को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बेहद करीब है और उन्हें उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच जल्द किसी समझौते पर सहमति बन सकती है। उनके ये बयान ऐसे समय आए हैं जब रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin भी हाल ही में युद्ध को लेकर नरम रुख दिखा चुके हैं। माना जा रहा है कि अमेरिका, चीन और रूस के बीच आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

मेलानिया नहीं जाएंगी चीन

व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रथम महिला Melania Trump इस दौरे का हिस्सा नहीं होंगी। हालांकि ट्रंप के साथ विदेश मंत्री Marco Rubio, उनके बेटे एरिक ट्रंप और बहू लारा ट्रंप मौजूद रहेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल की सबसे खास बात यह है कि इसमें बिजनेस और टेक्नोलॉजी जगत के कई बड़े नाम भी शामिल किए गए हैं। Elon Musk और Tim Cook जैसे दिग्गज उद्योगपति भी ट्रंप के साथ चीन जा रहे हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका इस दौरे को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी रिश्तों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है।

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व्यापार, टैरिफ और टेक्नोलॉजी पर होगी अहम बातचीत

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच व्यापार, निवेश, टैरिफ और टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और तकनीकी प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ी है।विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ को पिघलाने का काम कर सकती है। खासतौर पर वैश्विक सप्लाई चेन, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री और एआई टेक्नोलॉजी को लेकर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

दुनिया की नजर इस मुलाकात पर क्यों टिकी है?

ट्रंप की इस यात्रा को सिर्फ एक राजनयिक दौरा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे वैश्विक शक्ति संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। ईरान, रूस-यूक्रेन युद्ध, व्यापारिक टकराव और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दों के बीच यह बैठक आने वाले समय की अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकती है।

Location :  Washington

Published :  13 May 2026, 11:38 AM IST