पैराग्वे में बैंक घोटाले पर सियासी भूचाल, राष्ट्रपति सैंटियागो पेना बर्खास्त; पुलिस ने घर में किया नजरबंद

पैराग्वे की सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को उनके पद से हटा दिया गया है। फिलहाल, देश के एक बड़े बैंक से जुड़े घोटाले के मामले में उनके खिलाफ आपराधिक जांच चल रही है। महाभियोग के बाद, पेना को अब नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 November 2026, 10:19 AM IST

New Delhi: पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग प्रक्रिया के बाद उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर बैंक घोटाले में शामिल होने का आरोप है। शुक्रवार को देश की सीनेट में हुए महाभियोग मतदान के दौरान, 45 में से 44 सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के पक्ष में वोट दिया। महाभियोग के बाद, उपराष्ट्रपति पेड्रो एलियाना ने राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। पेना को अब नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया है। आपराधिक कार्यवाही के दौरान जब तक कोई जज उनकी अंतिम जगह तय नहीं कर देते, तब तक वे इसी स्थिति में रहेंगे।

बैंक घोटाले के कारण हटाए गए

पेना देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक के डूबने के मामले में आपराधिक जांच का सामना कर रहे हैं। यह मामला 'उएना बैंक' से जुड़ा है, जिसके पास फंड खत्म हो गया था। इस वजह से लाखों ग्राहक अपना पैसा नहीं निकाल पाए—एक ऐसी स्थिति जिसने एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया। पैराग्वे के अटॉर्नी जनरल ने बैंक घोटाले के संबंध में पेना और अन्य पूर्व अधिकारियों के खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।

कांग्रेस ने उनका इस्तीफा ठुकरा दिया

गुरुवार को बैंक के अचानक बंद होने के बाद, सैंटियागो पेना ने इस्तीफा देने की पेशकश की थी; लेकिन सीनेट ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। विपक्षी सीनेटरों का तर्क था कि इस्तीफा देकर पेना अपनी जिम्मेदारियों से बच सकते थे। पेना की कानूनी टीम ने इस फैसले को चुनौती दी है। उनका कहना है कि सांसदों को महाभियोग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय उनका इस्तीफा स्वीकार कर लेना चाहिए था।

महाभियोग के साथ ही, पेना की संसदीय छूट (पार्लियामेंट्री इम्युनिटी) खत्म हो गई है। अब वे सीनेट में आजीवन सीट पाने के हकदार नहीं रहे। सीनेट ने पेना पर आरोप लगाया कि उन्होंने बैंक से जुड़े लेन-देन के मामलों में जानबूझकर और व्यवस्थित तरीके से अपने कर्तव्यों की अनदेखी की। महाभियोग की कार्यवाही के दौरान पेना मौजूद नहीं थे। वे खुद सीनेट में नहीं थे, लेकिन उनकी ओर से उनकी कानूनी टीम पेश हुई। इससे पहले, पेना ने अपना बचाव तैयार करने के लिए 72 घंटे का अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन सीनेटरों ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। इसके बाद, उनके वकील एडोल्फो फेरेरो और रिकार्डो प्रेडा सीनेट के सामने पेश हुए।

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पेना ने क्या कहा?

सीनेट में मतदान से पहले, पेना ने एक बयान जारी किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके पद से हटने के कारण देश में कोई राजनीतिक अस्थिरता नहीं आएगी। उन्होंने एक संदेश में लिखा, "मैं नहीं चाहता कि मेरी मौजूदगी से और अधिक विभाजन या अस्थिरता पैदा हो। देश को अपने निजी भविष्य से ऊपर रखना मेरी जिम्मेदारी है।"

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Published :  7 November 2026, 10:19 AM IST