7 साल बाद शी जिनपिंग का दौरा और अब उड़ानों की बहाली, क्या सुधर रहे हैं भारत और चीन के रिश्ते?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले चाइना सदर्न एयरलाइंस ने 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट पर नियमित यात्री उड़ानें फिर से शुरू करने का ऐलान किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 September 2026, 12:41 PM IST

New Delhi: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले भारत-चीन संबंधों में एक अहम बदलाव देखा गया है। चीन की प्रमुख एयरलाइन 'चाइना सदर्न एयरलाइंस' ने लगभग छह साल के अंतराल के बाद ग्वांगझू-नई दिल्ली रूट पर नियमित यात्री उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

एयरलाइन के अनुसार, यह सेवा 21 सितंबर को फिर से शुरू होगी। सीधी हवाई कनेक्टिविटी की बहाली जिसे लंबे समय से रोक दिया गया था को दोनों देशों के बीच बढ़ती राजनयिक और आर्थिक गतिविधियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

हर हफ्ते 100 से ज्यादा उड़ानें

चाइना सदर्न एयरलाइंस ने कहा कि परिचालन फिर से शुरू होने पर वह दक्षिण एशियाई क्षेत्र में आठ राउंड-ट्रिप रूटों पर हर हफ्ते 100 से ज्यादा उड़ानें संचालित करेगी। ग्वांगझू-नई दिल्ली उड़ान शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक यात्रा, पर्यटन और नागरिकों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।

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2020 से हवाई कनेक्टिविटी थी बंद

कोविड-19 महामारी के कारण 2020 में भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं बाधित हो गई थीं, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिए गए थे। हालांकि, कोविड प्रतिबंध हटने के बाद भी दोनों देशों के बीच सामान्य हवाई सेवाएं बहाल नहीं हो पाईं। इसका एक मुख्य कारण सीमा पर तनाव और राजनयिक गतिरोध था, जो 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद पैदा हुआ था।

व्यापार और यात्रा पर सीमा विवाद का असर

भारत-चीन संबंधों में तनाव का असर न केवल राजनीतिक क्षेत्र पर बल्कि व्यापार और लोगों की आवाजाही पर भी पड़ा। सीधी उड़ानें बंद होने के कारण यात्रियों और व्यापारियों को लंबे रूटों या वैकल्पिक विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ा। नतीजतन ग्वांगझू-नई दिल्ली हवाई सेवा की वापसी को केवल उड़ान संचालन फिर से शुरू होने के तौर पर नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले अहम संकेत

दुनिया की नजरें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर टिकी हैं। यह यात्रा लगभग सात साल के अंतराल के बाद हो रही है। हाल के वर्षों में भारत और चीन ने सीमा पर तनाव कम करने और राजनयिक बातचीत बढ़ाने के कई प्रयास किए हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत का असर धीरे-धीरे व्यापार, पर्यटन और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। इस माहौल में दिल्ली और ग्वांगझू के बीच उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने के चीन सदर्न एयरलाइंस के फैसले को दोनों देशों के रिश्तों में संभावित सुधार के एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  12 September 2026, 12:41 PM IST