न बारिश की बूंदें, न ओले… आसमान से गिरने लगीं मछलियां, अमेरिका की इस घटना ने सबको चौंकाया

अमेरिका के लुइसियाना स्थित मार्क्सविले में 23 अक्टूबर 1947 को आसमान से सैकड़ों मछलियां गिरने की हैरान करने वाली घटना हुई थी। सड़क और घरों के लॉन तक मछलियों से भर गए थे। वैज्ञानिकों ने इसके पीछे वॉटरस्पाउट यानी पानी के बवंडर की संभावना जताई थी।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 11 October 2026, 6:14 PM IST
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Washington : आपने आसमान से बारिश होते, ओले गिरते या बर्फ बरसते तो देखा और सुना होगा, लेकिन क्या कभी मछलियों की बारिश के बारे में सुना है? अमेरिका में 1947 में ऐसी ही एक हैरान करने वाली घटना सामने आई थी, जब लुइसियाना के एक शहर में आसमान से सैकड़ों मछलियां गिरने लगीं। सड़क, फुटपाथ और घरों के लॉन तक मछलियों से भर गए थे। हैरानी की बात यह थी कि इनमें से कई मछलियां ताजी थीं और खाने लायक भी थीं। इस अनोखी घटना को आज भी मौसम और प्राकृतिक घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोग याद करते हैं।

अमेरिका के इस शहर में हुई थी मछलियों की बारिश

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 23 अक्टूबर 1947 को अमेरिका के लुइसियाना राज्य के मार्क्सविले में यह अजीब घटना हुई थी। उस सुबह बायोलॉजिस्ट अलेक्जेंडर बाजकोव अपनी पत्नी वर्जीनिया के साथ एक डायनर में खाना खा रहे थे। तभी वहां काम करने वाली वेट्रेस ने उन्हें बताया कि बाहर आसमान से मछलियां गिर रही हैं।

यह सुनकर बाजकोव खुद घटना देखने के लिए बाहर निकल आए। उन्होंने बाद में इस अनुभव को एक साइंस जर्नल में भी दर्ज किया। उनके मुताबिक, करीब 1,000 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े इलाके में मछलियां गिरी थीं। कुछ जगहों पर मछलियों की परत करीब नौ इंच तक बताई गई।

सड़क, फुटपाथ और घरों के लॉन पर बिखरी थीं मछलियां

बाजकोव के अनुसार, आसमान से गिरने वाली मछलियां स्थानीय नदियों और खाड़ियों में पाई जाने वाली मीठे पानी की प्रजातियों से जुड़ी थीं। इनमें लार्जमाउथ बास, सनफिश, मिनोज और हिकरी शैड जैसी मछलियां शामिल थीं।

मछलियां सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि फुटपाथों और घरों के लॉन में भी बिखरी मिली थीं। यहां तक कि मार्क्सविले बैंक के एक अधिकारी के आंगन में भी मछलियां गिरने की बात सामने आई थी। बैंक के कैशियर जेई ग्रेमिलियन के सिर पर भी एक हिकरी शैड मछली गिर गई थी।

बाजकोव के संग्रह में मिली सबसे बड़ी मछलियों में एक बास करीब 9.25 इंच यानी लगभग 24 सेंटीमीटर लंबी थी।

आखिर आसमान से कैसे बरसी थीं मछलियां?

इस घटना को समझाने के लिए बाजकोव ने एक संभावित वजह बताई थी। उनका मानना था कि इसके पीछे वॉटरस्पाउट यानी पानी के ऊपर बनने वाला बवंडर हो सकता है। ऐसा बवंडर पानी की सतह से मछलियों को ऊपर खींचकर हवा में ले जा सकता है। इसके बाद तेज हवाओं के साथ मछलियां किसी दूसरे स्थान पर गिर सकती हैं।

हालांकि, इस घटना के दौरान किसी ने उस कथित बवंडर को देखने की पुष्टि नहीं की थी। न्यू ऑरलियन्स के मौसम विभाग के पास भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

घटना से एक दिन पहले देखे गए थे छोटे बवंडर

लुइसियाना के वन्यजीव एवं मत्स्य विभाग के मुख्य जीवविज्ञानी जेम्स नेल्सन गोवानलोच ने बताया था कि उन्होंने मार्क्सविले में मछलियों की बारिश से एक दिन पहले कई छोटे बवंडर देखे थे। जिन्हें 'डेविल डस्टर्स' कहा जाता है।

हालांकि, इन बवंडरों और मछलियों की बारिश के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ। इसलिए वॉटरस्पाउट को इस घटना की संभावित व्याख्या माना जाता है, न कि पूरी तरह प्रमाणित कारण। करीब आठ दशक बाद भी मार्क्सविले की यह घटना प्रकृति के उन रहस्यों में शामिल है, जो लोगों को हैरान करते हैं।

Location :  Washington

Published :  11 October 2026, 6:14 PM IST

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