
रूस में लैब टेक्नीशियन की मौत से मचा हड़कंप (IMG: Pinterest)
Moscow News: रूस के साइबेरियाई क्षेत्र इरकुत्स्क में एक एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 वर्षीय लैब टेक्नीशियन की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में हलचल मच गई है। महिला की मौत गंभीर निमोनिया के बाद हुई। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रयोगशाला में काम करने के दौरान वह प्लेग के जीवाणु के संपर्क में आई थीं और टेस्ट ट्यूब टूटने की घटना के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। हालांकि रूस की संघीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर ने अभी तक उनकी मौत को प्लेग से हुई मौत के रूप में आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। एजेंसी ने बीमारी को फिलहाल अज्ञात कारण वाला निमोनिया बताया है।
मृतका की पहचान 28 वर्षीय दारिया शिपिलोवा के तौर पर सामने आई है। वह शेलेखोव स्थित इरकुत्स्क एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में लैब टेक्नीशियन के रूप में काम करती थीं। रिपोर्टों के मुताबिक 25 सितंबर को प्रयोगशाला में सैंपल लेते समय एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी। इसमें कथित तौर पर प्लेग के बैक्टीरिया से जुड़ा जैविक पदार्थ मौजूद था। इसके बाद शिपिलोवा की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें गंभीर निमोनिया के लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 2 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई। हालांकि इस घटना और उनकी बीमारी के बीच सीधा संबंध अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
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महिला की मौत के बाद उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें मेडिकल निगरानी में रखा गया है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 197 लोगों को निगरानी में लिया गया है और उनमें से कई को अस्पतालों में रखा गया। शुरुआती जांच में निगरानी में रखे गए लोगों में संक्रमण या बीमारी के लक्षण सामने नहीं आने की बात कही गई है। प्रशासन ने एहतियाती कदम के तौर पर स्वास्थ्य संस्थानों में भी प्रतिबंध लगाए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक इरकुत्स्क के कई अस्पतालों और एक प्रसूति केंद्र में क्वारंटीन उपाय लागू किए गए।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महिला की मौत वास्तव में न्यूमोनिक प्लेग के कारण हुई। कुछ रूसी क्षेत्रीय अधिकारियों और स्थानीय रिपोर्टों में इसे प्लेग से जोड़कर बताया गया है। वहीं रूस की संघीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि महिला की बीमारी को फिलहाल “अज्ञात कारण वाला निमोनिया” माना जा रहा है।
न्यूमोनिक प्लेग, प्लेग का वह रूप है जिसमें संक्रमण मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह संक्रमित व्यक्ति के सांस लेने, खांसने या छींकने से निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने पर दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इस बीमारी में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। शुरुआती स्तर पर उपयुक्त एंटीबायोटिक उपचार मिलने पर इसे नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इलाज में देरी होने पर बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है।
मामले को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर प्लेग फैलने की चर्चाएं तेज हुई हैं। कई जगहों पर लोगों में चिंता देखी गई, जिसके बाद प्रशासन ने रोकथाम के उपाय बढ़ाए हैं। हालांकि रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। जांच का मुख्य फोकस अब महिला की बीमारी का वास्तविक कारण पता लगाने, संभावित संक्रमण के स्रोत की पहचान करने और संपर्क में आए लोगों की निगरानी पर है। यदि जांच में प्लेग की पुष्टि होती है तो उसके स्रोत और लैब से किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर इसे संभावित प्लेग का मामला कहना उचित है, न कि रूस में प्लेग फैलने की पुष्टि मान लेना।
Location : Moscow
Published : 5 October 2026, 11:32 AM IST