ब्रिटेन में लोगों को 72 घंटे की तैयारी करने की सलाह, क्या बड़े संकट का है खतरा?

ब्रिटेन में सरकार ने लोगों से घरों में तीन दिन का जरूरी सामान तैयार रखने की अपील की है। इसमें भोजन, पीने का पानी, नकदी, टॉर्च, बैटरी और जरूरी दवाइयां शामिल हैं।

Updated : 24 October 2026, 5:03 PM IST
google-preferred

New Delhi: ब्रिटेन में सरकार ने लोगों से घरों में तीन दिन का जरूरी सामान तैयार रखने की अपील की है। इसमें भोजन, पीने का पानी, नकदी, टॉर्च, बैटरी और जरूरी दवाइयां शामिल हैं। पहली नजर में यह सलाह किसी बड़े संकट की तैयारी जैसी लग सकती है, लेकिन इसके पीछे सरकार का उद्देश्य आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार ने ‘Be Ready’ नाम से तीन साल का अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नागरिकों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है, जब बिजली, पानी, इंटरनेट या दूसरी जरूरी सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

72 घंटे तक खुद संभाल सकें अपनी जरूरतें, इसलिए तैयारी

ब्रिटिश सरकार की नई पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी आपात स्थिति में लोगों के पास कम से कम तीन दिनों तक काम चलाने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। भीषण मौसम, बाढ़, जंगलों में आग, बिजली गुल होने या दूसरी अप्रत्याशित घटनाओं के दौरान सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में राहत और सहायता पहुंचने में समय लग सकता है।

सरकार का मानना है कि यदि परिवार पहले से कुछ जरूरी सामान अपने पास रखते हैं, तो शुरुआती मुश्किल समय में उन्हें दूसरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह अभियान लोगों को डराने के बजाय व्यावहारिक तैयारी के लिए प्रोत्साहित करता है। ब्रिटेन सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी तैयारी की सलाह पहले भी दी जाती रही है और नई पहल का मकसद इसे अधिक व्यापक बनाना है।

9 लीटर पानी और खाने के अलावा क्या-क्या रखें?

तीन दिनों की तैयारी के लिए पानी सबसे जरूरी जरूरतों में शामिल है। प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग तीन लीटर पीने का पानी रखने की सलाह दी गई है। इस हिसाब से एक व्यक्ति के लिए तीन दिनों में नौ लीटर पानी की जरूरत होगी। खाना पकाने, सफाई और दूसरी घरेलू जरूरतों के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता पड़ सकती है।

मुस्कान और रविता को फांसी देने के लिए तैयार मीरा राठौर! DM से मांगी जल्लाद बनने की अनुमति

भोजन में ऐसा सामान रखना उपयोगी है जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और जिसे खाने के लिए गैस या बिजली की जरूरत न पड़े। डिब्बाबंद भोजन, तैयार खाद्य पदार्थ और अन्य गैर-नाशवान खाद्य सामग्री इसमें शामिल हो सकती हैं।

इसके साथ घर में टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, मोबाइल चार्ज करने के लिए पावर बैंक, बैटरी से चलने वाला या हाथ से चलाया जाने वाला रेडियो और प्राथमिक उपचार की किट रखने की सलाह है। पानी की आपूर्ति बंद होने पर इस्तेमाल के लिए हैंड सैनिटाइजर और वेट वाइप्स भी उपयोगी हो सकते हैं।

यूपी के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ के डिजिटल डेटा और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़, दो लोगों पर FIR

सरकार ने नकदी रखने पर भी जोर दिया है, क्योंकि बिजली या डिजिटल भुगतान सेवाओं में व्यवधान आने पर ऑनलाइन लेनदेन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा, नियमित रूप से ली जाने वाली दवाइयां, जरूरी दस्तावेज और आपातकालीन संपर्क नंबर भी तैयार रखने चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों, पालतू जानवरों और विशेष चिकित्सा जरूरतों वाले लोगों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करना भी महत्वपूर्ण है।

साइबर हमले से लेकर भीषण मौसम तक, किन खतरों की तैयारी?

आज बिजली, पानी, संचार और भुगतान जैसी सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। किसी बड़े साइबर हमले या बुनियादी ढांचे में खराबी के कारण इनमें से एक या अधिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसी तरह, बाढ़, तूफान और दूसरी प्राकृतिक आपदाएं भी आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं।

ब्रिटेन में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच साइबर हमलों और संभावित शत्रुतापूर्ण गतिविधियों का मुद्दा भी चर्चा में है। हालांकि, सरकार की तीन दिन के जरूरी सामान वाली सलाह का अर्थ यह नहीं है कि देश में तत्काल युद्ध होने वाला है या किसी निश्चित तारीख को आपदा आने की पुष्टि हो चुकी है। यह अलग-अलग तरह की आपात स्थितियों के लिए सामान्य तैयारी का हिस्सा है।

क्या भारत में भी ऐसी तैयारी जरूरी है?

भारत में भी बाढ़, चक्रवात, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान बिजली, पानी, संचार तथा जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में घर में पीने का पानी, कुछ दिनों का सुरक्षित भोजन, प्राथमिक उपचार की सामग्री, टॉर्च, पावर बैंक और जरूरी दवाइयां रखना उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, हर परिवार की जरूरतें और स्थानीय जोखिम अलग होते हैं। इसलिए किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों की सलाह को प्राथमिकता देना चाहिए।

घरों में कैद मासूम, रातों की उड़ी नींद: बलिया की बस्ती में 12 फीट लंबे अजगर का खौफ, बच्चों और मवेशियों पर मंडराया खतरा

ब्रिटेन की इस पहल का संदेश यही है कि आपदा आने के बाद तैयारी करने के बजाय पहले से कुछ बुनियादी इंतजाम कर लेना बेहतर है। घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन जरूरी सेवाओं के बाधित होने की संभावना को नजरअंदाज करना भी समझदारी नहीं होगी।

Location :  New Delhi

Published :  24 October 2026, 5:03 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement